सांकरा ज का किस्सा- किराए की जमीन पर हो रही धान खरीदी, परिवहन के अभाव में जगह की परेशानी



बालोद । सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से जिले में चल रही धान खरीदी में परिवहन की धीमी चाल एक बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। जिसके चलते सोसाइटी में धान रखने के लिए जगह नहीं बच पा रहे हैं तो वहीं धान बेचने के लिए अब एक महीने का ही समय शेष है। किसानों को भी चिंता सता रही है कि वे समय पर धान बेच पाएंगे या नहीं। इन समस्याओं के बीच एक नई समस्या बालोद ब्लाक के सबसे बड़े धान खरीदी केंद्र सांकरा ज में सामने आई है। जहां पर समिति की जमीन पर धान रखने के लिए जगह नहीं बचने के कारण किराए में जमीन लेकर खरीदी की जा रही है। सोसाइटी प्रबंधन के द्वारा सांकरा पंचायत की खाली जमीन को धान खरीदी के लिए अस्थाई तौर पर खरीदी केंद्र के रूप में बनाया गया है। बदले में 10 हजार रुपए किराया प्रबंधन द्वारा पंचायत को दिया जाना है। स्थिति यह है कि धीरे-धीरे किराए की जमीन पर भी धान की आवक बढ़ते क्रम पर है। ऐसे में जब यह जमीन भी भर जाएगी तो आगे कैसे व्यवस्था होगा, कुछ कह नहीं सकते। समिति प्रबंधन का कहना है कि अगर परिवहन में तेजी नहीं आई तो धान खरीदी बंद करनी पड़ सकती है। अभी भी कई किसान धान नहीं बेच पाए हैं। छोटे किसानों को भी काफी परेशानी हो रही है। उनका टोकन नहीं कट पा रहा है। बफर लिमिट से कहीं ज्यादा धान की खरीदी यहां भी हो चुकी है। पर परिवहन की सुस्त चाल बड़ी समस्या साबित हो रही है। यहां के प्रबंधक सुशील दास मानिकपुरी ने बताया कि जगह नहीं होने के कारण सांकरा ज पंचायत से किराए पर जमीन लेकर धान खरीदी कर रहे हैं। परिवहन की गति धीमी है। उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत कराए हैं।

फैक्ट फ़ाइल

अब तक कुल धान खरीदी: 48379 क्विंटल

परिवहन मिल में :4100 क्विंटल

परिवहन संग्रहण केंद्र में : 1800 क्विंटल

सोसाइटी में परिवहन शेष : 42479 क्विंटल

सोसाइटी की बफर लिमिट : 8000 क्विंटल

समिति में पंजीकृत कुल किसान : 1377

धान बेच चुके किसान : 901

धान बेचने को शेष किसान : 422

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