सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में शामिल हुई नपाध्यक्ष प्रतिभा, बेटियों को बढ़ावा देने की अपील



बालोद – शनिवार को सप्त शक्ति संगम एवं मातृ सम्मेलन समारोह के कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय जगन्नाथपुर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बालोद की ऊर्जावान अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुई। ग्राम जगन्नाथपुर, सांकरा, परसदा, घुमका, दरबारी नवागांव की समस्त पालक महिलाएं भी आमंत्रित थी। सरस्वती शिशु मंदिर के शिक्षक -शिक्षिकाओं के द्वारा नपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष चौधरी का गुलाल लगाकर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया गया। बच्चों के द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वेशभूषा मे छत्तीसगढ़ी गीत व राउत नाचा के साथ उनका अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात अतिथियों के द्वारा सरस्वती माता व भारत माता एवं आध्यात्मिक प्रतीक चिन्ह ओम के तैलचित्र पर पुष्पमाल्य अर्पित कर गुलाल लगाकर दीप प्रज्वलित की गई। शिशु मंदिर की शिक्षिकाओं द्वारा सरस्वती वंदना का गायन कर कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया।

नपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष चौधरी ने अपने उदबोधन मे कहा की “भारत की संस्कृति में मातृ शक्ति केवल परिवार की धुरी नहीं है बल्कि वह समाज को दिशा देने वाली शक्ति भी है। हर सफल व्यक्ति के पीछे महिला का हाथ होता है।आज महिला पुरुषों के बराबर कार्य कर रही है। बच्चे परिवार में माता-पिता से व्यवहार सीखते है। मां बच्चों की गुरु तथा परिवार प्रथम पाठशाला होती है। वर्तमान में चिंता का विषय है कि बच्चे मोबाइल एवं टेलीविजन के ज्यादा नजदीक रहते है। बच्चों को सच्ची एवं देशभक्ति की कहानियां सुनानी चाहिए केवल भौतिक सुख सुविधा देने से बच्चों का भविष्य नहीं बनता है। उन्होंने मौजूद माताओं से अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देने के साथ उन्हें हर क्षेत्र में बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई बेटियां हैं जिन्हें मंच नहीं मिल पाता। वे आगे नहीं बढ़ पाती। उनकी प्रतिभा दबी रह जाती है। पर हमें अपनी बेटियों के साथ ऐसा नहीं करना है। आज का समाज बेटियों की आजादी पर उंगली उठाता है। पर जब बेटियों के साथ उनके माता-पिता खड़े हो तो कोई उन पर उंगली भी नहीं उठा सकता। उन्होंने कहा कि मां की महिमा को कभी शब्दों में नहीं बांध सकते है,माँ ही सृष्टि की सृजनहार एवं पालनहार है। बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक एवं मानसिक विकास माता के द्वारा ही होता है, मातृ शक्ति राष्ट्र का निर्माण करती है। विवेकानंद जी श्री राम एवं श्री कृष्ण जी को भी महान बनाने में उनकी माता का ही योगदान था। मां गुणो से संपन्न होगी तो बच्चे गुणो से भरपूर होगे,पढ़ी-लिखी माँ बच्चे को केवल किताबी ज्ञान दे सकती है लेकिन संस्कारित मां बच्चों को महान बना सकती है।” इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि जनपद सभापति दमयंती हरदेल, लता चुरेंद्र सरपंच ग्राम सांकरा ज, पार्षद सुनीता मनहर, प्राचार्य ताराचंद साहू, ग्राम की समस्त मातृशक्ति, सरस्वती शिशु मंदिर के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बालक -बालिकाएं उपस्थित रहे।

बीएसएफ की जवान सविता मिथिलेश का प्रतिभा ने किया सम्मान

इस दौरान सभी महिलाएं ही अतिथि के रूप में आमंत्रित की गई थी। पंजाब में बीएसएफ में पदस्थ जगन्नाथपुर की बहू और बेटी सविता मिथलेश का विशेष तौर पर इस कार्यक्रम में सम्मान किया गया। प्रतिभा चौधरी ने उन्हें स्वयं से सम्मानित करते हुए उनकी योग्यता व साहस को सलाम किया और उन्हें सभी बेटियों और माता के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। काफी मेहनत करने के बाद सविता इस मुकाम पर पहुंची हुई है और देश सेवा कर रही,जिस पर सभी को गर्व होता है।

सप्त शक्ति संगम का बताया महत्व

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जन्म शताब्दी वर्ष में इसी मंच पर मातृत्व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें गायत्री परिवार की बहिनों को नारी सशक्तिकरण का प्रतिनिधित्व कर मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित कर सम्मान किया गया। इसके अंतर्गत नारी जागरण, परिवार प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, इन विषयों को श्रीमती शीला साहू, ओंमकेश्वरी साहू,चंद्रकांती साहू के द्वारा जानकारी दिया गया। साथ ही परिवार प्रबंधन में बलिवैश्व यज्ञ की महत्व को समझाते हुए उपस्थित बहनों को बलिवैश्व मंत्र स्टिकर दिया गया। अंत में हमारा युग निर्माण योजना सत्संकल्प पाठ के समापन किया गया। आयोजन के दौरान प्रश्नोत्तरी की प्रतियोगिता भी रखी गई और विजेता माता को पुरस्कृत किया गया।

मंच संचालन सहित अन्य पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में थी। जिसमें पीरीद से प्रधानाचार्य मेनका चंद्राकर, लाटाबोड़ से कामिनी यदु, खेमिन साहू, लक्ष्मी साहू,त्रिवेणी दुबे, रीना देशलहरे, माधुरी यादव, चैन कुमारी नेताम,किरण यादव के अलावा रेखलाल देशमुख, धनंजय साहू, हरीश कुमार साहू आदि का योगदान रहा। उक्त संपूर्ण आयोजन प्रधानाचार्य ताराचंद साहू, सिद्धिविनायक शिक्षण समिति के अध्यक्ष सुभाष हरदेल, सचिव खिलानंद गिलहरा, जिला समन्वयक दीपक हिरवानी आदि के मार्गदर्शन में हुआ।

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