DAILY BALOD NEWS

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राष्ट्रीय कला उत्सव हेतु स्वामी आत्मानंद बालोद की छात्राएं चयनित

बालोद। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मध्य विद्यालय बालोद की छात्राएं मुस्कान साहू एवं कीर्तिका साहू का चयन राष्ट्रीय कला उत्सव प्रतियोगिता के लिए किया गया है। राज्य स्तरीय कला उत्सव प्रतियोगिता रायपुर में पारंपरिक कहानी वाचन के अंतर्गत पंडवानी गायन शैली का शानदार प्रदर्शन करते हुए बालोद जिले से एकमात्र चयन प्रथम स्थान प्राप्त करने का गौरव हासिल किया है। राष्ट्रीय कला उत्सव आयोजन आगामी 20 से 24 दिसंबर 2025 तक यशवंत चौहान अकैडमी आफ डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन पुणे महाराष्ट्र में छात्र कलाकार छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी पंडवानी कला प्रदर्शन करेंगे।

प्राचार्य अरुण कुमार साहू ने बताया कि शिक्षा में कला एवं छात्रों की कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहन, पहचान एवं पोषित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कला उत्सव का आयोजन किया जाता है।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कला उत्सव नई दिल्ली 2015 में भी प्राचार्य अरुण साहू के नेतृत्व में छात्राओं ने पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया था। पंडवानी गायन शैली की प्रस्तुति पर चर्चा करते हुए मुस्कान साहू ने बताया कि वह अपना प्रदर्शन द्रोपदी चीर हरण प्रसंग पर करने जा रही है। यह कहानी प्रसंग महाभारत काल की अत्यंत दुखद घटना पर आधारित है। जिसमें युधिष्ठिर द्वारा जुए में हारने के बाद दुर्योधन के कहने पर दुशासन ने द्रौपदी का वस्त्र हरण करने का प्रयास किया। द्रोपदी के बार-बार पुकारने पर भी सभा के किसी भी व्यक्ति ने विरोध नहीं किया। तब उन्होंने भगवान कृष्ण को पुकारा भगवान कृष्ण ने उनकी लाज बचाई और उनके वस्त्रों को बढ़ाते रहे। हारमोनियम वादक एवं रागी की भूमिका में कीर्तिका साहू ने बताया कि पारंपरिक लोक कहानी वाचन शैली में पंडवानी का विशेष स्थान है।वस्तुत यह छत्तीसगढ़ का एकल लोकनाट्य है जो पांडवों की महाभारत की कथा को गायन और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत करने की एक शैली है। इसे वेदमती और कापालिक शैली के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है।वेदमती शैली में मुदित तौर पर पाठ करते हुए इसका प्रदर्शन करते हैं। इस शैली के मुख्य कलाकार झाड़ू राम देवांगन ,,पुनाराम निषाद, रितु वर्मा है तथा कापालिक शैली में स्मृति और अनुभव के आधार पर प्रदर्शन की विषय वस्तु एवं प्रसंग को पात्रों के अभिनय के अनुसार प्रदर्शन किया जाता है । इस शैली के मुख्य कलाकार तीजन बाई ,उषा बारले और शांति बाई हैं। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बालोद की इस महत्वपूर्ण गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी एवं प्राचार्य अरुण कुमार साहू एवं स्कूल स्टाफ से प्रभारी शिक्षिका अर्चना साहू, डीपी सिंन्हा,आर एल गोटामे, आर ठाकुर,टीएस मंडावी, वंदना शर्मा, हर्षा ठक्कर, कुमुदिनी साहू,बी के देशलहरे,एच के पटेल, भागवत साहू,नेम सिंह साहू, आरके सार्वा,मनोरमा कुंभज, नीलम पांडे, बीके कोसले, पंकज सोनी, पुष्पांजलि पांडेय, रोमेंद्र देवांगन ,वेद प्रकाश देवांगन, जयंत देवांगन, चेतन यादव ,सुषमा तिवारी ,हेमू साहू ,शैलेंद्री साहू,हेमंत पांडे, महेंद्र पटेल ने छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर की सफलता पर बधाई दी।

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