रायपुर – राजधानी में बड़े ही धूम-धाम से उजियार हमर चिन्हारी के सुवा कार्यक्रम संपन्न हुआ । छत्तीसगढ़िया सांस्कृतिक पुनर्जागरण के उद्देश्य को लेकर चल रहे चार दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के सिद्ध श्री हरदेव लाला मंदिर टिकरापारा में संपन्न हुआ। उजियार परिवार के संस्थापक नागेश वर्मा ने बताया दिनांक 5,6 व 7 तारीख को लोकनृत्य कार्यशाला आयोजित की गई थी जिसमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया और कार्यशाला गुरू के रूप में प्रांजल सिंह राजपूत जी रहे। कार्यक्रम समापन दिवस पर सुबह से छत्तीसगढ़ महतारी व सरस्वती महतारी की छायाचित्र में पुजा-पाठ के बाद बांस शिल्पकला एवं धान कला के प्रशिक्षण दिया गया,जिसमें रामकुमार पटेल बांस शिल्पकला व चंद्रप्रकाश साहू धान शिल्पकला प्रशिक्षण गुरू रहे।

वहीं शिल्पकला प्रशिक्षण के साथ-साथ लोककला संस्कृति और परंपराओं पर आधारित चित्रकारी और मूर्तियों की प्रदर्शनी भी रही। कार्यक्रम के दूसरे चरण में “गुरतुर गोठ” ओपन माईक का भी आयोजन रखा गया था जो कि राज्य के युवा साहित्यकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई संग ही ‘छत्तीसगढ़ के अस्मिता,साहित्य से रोजगार’ पर विशेष गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसके वक्ता श्री तापस चतुर्वेदी जी, धनराज साहू जी। साहित्यकार रेमनाथ साहू जी रहे। “गुरुर गोठ” में पहुना के रूप में लोक गायिका पूनम विराट तिवारी, संगीत नाटक अकादमी सम्मान से सम्मानित, रामजी ध्रुव आकाशवाणी रायपुर – रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यचार नरेन्द्र वर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार रहे।

कार्यक्रम के तीसरे व अन्तिम चरण में सामूहिक लोक नृत्य कार्यक्रम हुआ जिसमें सभी लोग छत्तीसगढ़ के पारंपरिक परिधान में लोगों ने छत्तीसगढ़ के लोकगीत जैसे सुआ, कर्मा, रिलों, पंथी, डंडा, राऊत नाचा, में थिरके इस कार्यक्रम में पहुना के रूप में मोहित साहू, फिल्म निर्माता व निर्देशक डॉ. वर्णिका शर्मा(बाल संरक्षण आयोग,राज्यमंत्री दर्जा), श्रीमती छाया चंद्राकर वरिष्ठ लोक गायिका, व छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत के अभिनेता-अभिनेत्री, सामाज सेवक रहे। कार्यक्रम की भव्यता मंदिर परिसर जहाँ कार्यक्रम आयोजित की गई थी उसको गाँव के रूप म प्रदर्शित किया गया जिसकी शोभा देखते ही बन रही थी।

