तीरंदाजी के मैदान में दंगल फिल्म जैसा दिखा नजारा, बालोद में बेटियों की उपलब्धि से खुशी की लहर
बालोद। बालोद शिकारीपारा के रहने वाले यादव परिवार की दो सगी बहनों (बेटियों) ने तीरंदाजी में बाजी मारी है। दरअसल में बालोद निवासी शशिकांत यादव की दोनों बेटियां तिरंदाजी के क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। बीते दिनों रायपुर और महासमुंद बागबाहरा में राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें एक साथ उनके दोनों बेटियां मैदान में उतरी। छोटी बेटी फलक यादव ने रायपुर में हुई प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता। बागबाहरा में इसी बेटी ने सिल्वर मेडल जीता तो बड़ी बहन दक्षा यादव ने ब्रांज मेडल जीत कर बालोद का नाम रोशन कर दिया। दोनों बेटियों की उपलब्धि से बालोद में खुशी की लहर है। दोनों सगी बहने जब तीरंदाजी के मैदान में उतरी और जीत दर्ज की तो वहां दंगल फिल्म जैसा माहौल बनता दिखा। दूसरे जिले से आए खिलाड़ी भी इन बहनों की प्रतिभा के कायल हो गए। बालोद जिला से खेलते हुए फलक यादव ने सब जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता जो कि रायपुर में आयोजित हुआ था, में गोल्ड मेडल प्राप्त किया । बागबाहरा महासमुंद में आयोजित जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में फलक यादव ने ही सिल्वर मेडल तथा उसी की बड़ी बहन दक्षा यादव ने ब्रांज मेडल प्राप्त कर बालोद जिला का नाम रोशन किया है।
नेशनल स्तर पर जाने कर रही मेहनत

वर्तमान में दोनों नेशनल की तैयारी के लिए ईटानगर अरुणाचल प्रदेश में तैयारी में लगे हुए हैं। अभी फलक यादव टाटा अकादमी जमशेदपुर झारखंड में ट्रेनिंग प्राप्त कर रही है तथा बड़ी बहन दक्षा यादव अमृतसर पंजाब में ट्रेनिंग प्राप्त कर रही है। उनकी इस उपलब्धि पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, राकेश यादव,रवि प्रकाश पांडे सौरभ लूनिया, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, वार्ड पार्षद गिरजेश गुप्ता वार्ड 18 आदि ने सौजन्य भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। बता दें कि इन बहनों के कोच कुशल रजक हैं। पहली बार दोनों बहन एक साथ मैदान में दंगल फिल्म की तरह उतरे थे। गोल्ड मेडल जीतने वाली छोटी बहन फलक यादव गुरुकुल विद्यापीठ बालोद में अध्यनरत है।
इस तरह से हुई प्रतियोगिता
15 अक्टूबर को रायपुर में तथा 16 अक्टूबर को बागबाहरा महासमुंद में प्रतियोगिता आयोजित हुआ था।सब जूनियर में 60 मीटर और जूनियर में 70 मीटर से निशाना लगाना रहता है और 6,6 तीर को दो बार चलाना रहता है। यानि कुल 12 तीर, इस प्रतियोगिता में राज्य भर से लगभग 75 खिलाड़ियों भाग लिया था।
