
डौंडीलोहारा– नगर में मुमुक्षु बहन मेघा डोसी का भव्य वरघोडा कार्यक्रम बुधवार को नगर के समता भवन से सुबह साढ़े आठ बजे संघ के वरिष्ठ श्रावक हस्तीमल सांखला के द्वारा विधिवत मंगलपाठ से प्रारंभ हुआ। मुमुक्षु मेघा डोसी अपने माता पिता मधु रिखबचंद डोसी के साथ आकर्षक बग्घी में सवार हुई व नगर के सदर मार्ग विवेकानंद चौक पुराने बस स्टैंड गौशाला चौक मुख्य मार्ग बाजार चौक से होते हुए नए बस स्टैंड पर वरघोडा सम्पन्न हुई। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर से आमजनमानस ने मुमुक्षु बहन सहित पारिवारिक जनों को अभिवादन किया व शुभकामनाएं दीं।मुमुक्षु बहन ने भी दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन किया व जाने अनजाने गलतियों की क्षमायाचना करते हुए आशीर्वाद ग्रहण किया। नगर के ए पी एस प्रांगण में हुआ अभिनंदन समारोह-शोभयात्रा वरघोडा के पश्चात काफिला नगर के ए पी एस प्रांगण में पहुंचा जहाँ पर मुमुक्षु बहन व पारिवारिक जनों का अभिनन्दन व बहुमान हुआ।नगर के संघ समाज सहित विभिन्न स्थानों से आए संघ समाज के लोगों ने मुमुक्षु बहन व पारिवारिक जनों को धार्मिक दुप्पट्टा व स्मृति चिन्ह भेंटकर बहुमान व अभिनन्दन किया।इस अवसर पर मुमुक्षु बहन ने संघ समाज नगर जनों व उपस्थित जन समुदाय से जाने अनजाने गलतियो की क्षमायाचना करते हुए 3 नवम्बर को राजस्थान के देशनोक में होने वाले दीक्षा महोत्सव के लिए निमंत्रण भी दिया।मुमुक्षु बहन मेघा डोसी ने कहा कि संसार मे रहते हुए पारिवारिक जनों व दोस्तों के साथ खूब खेली कूदी मौज मस्ती किया पर अब मानव भव के महत्व को गुरु भगवन्तों की कृपा से जाना व समझा यह भव अमूल्य है आत्मा को परमात्मा बंनाने का सुअवसर इसी भव में ही है यह समझ आया।वैराग्य पथ पर अग्रसर होने के लिए 2023 का मंजुलाश्रीजी मसा आदि ठाना पांच का चातुर्मास टर्निंग प्वाइंट रहा। मसा की प्रेरणा शुरू हुई अट्ठाई की तपस्या से शुरू हुआ तप 25 उपवास तक पहुंच गया।गुरुकृपा से असंभव भी सम्भव बन जाते है।वह तपस्या नया वरदान व नया प्रभात लेकर आया।साधु संतों के प्यार संसार के प्यार के सामने फीके लगने लगे।अंदर के सुख इतने अद्भुत लगे कि वह सुख कभी भी घर परिवार दोस्तो से भी नहीं मिला।घर वाले लाल जोड़े में विदाई का सपना संजोए थे पर नियति को कुछ और मंजूर था गुरु कृपा से सफेद वेश व रजोहरन मिल रहे है।सफेद वस्त्र व रजोहरन के सुख सब सुखों से उत्कृष्ट सुख है।संसार की असारता समझ आया।सन 2023 का चातुर्मास वरदान साबित हुआ।कर्मो को क्षय करना है तो गुरु राम की शरण मे जाना होगा ।घर परिवार के उपकार को कभी नही भूल पाएंगे।मेरी खुशी के लिए मुझे सौप दिया गुरु चरणों मे।भाई बहन दोस्तों के प्रेम को अद्भुत बताया। उन्होंने बताया कि नगर की तीन बहने राखी नेहा व साक्षी कल्याण मित्र रहे है जो वर्तमान में गुरु राम की शरण मे संयम पथ पर अग्रसर हैं । मुमुक्षु ने ग्राम की माटी को नमन करते हुए कहा कि इस माटी से खेलते हुए अब संयम मार्ग पर आगे बढ़ रहे है व उन्होंने सभी से कहा कि कभी भी संयम मार्ग में आगे बढ़ने वालों को प्रोत्साहन अवश्य ही दे। 3 नवम्बर दीक्षा में निमंत्रण देते हुए संघ समाज से पारिवारिक जनों ग्राम के लोगो से क्षमायाचना की।

उन्होंने सामयिक गुरुदर्शन धर्म आराधना करने की प्रेरणा दी व कहा कि यह धर्ममय जीवन ही सार्थक है । इस मानव जीवन के महत्व को समझें व सार्थक करें। अभिनन्दन के अवसर पर प्रखर वक्ता महेंद्र मुकीम रायपुर ने कहा कि समय तो सबके पास है जिन्होंने समय के महत्व को समझ लिया वही आगे बढ़ सकता है।मुमुक्षु बहन ने समय को जाना व उच्चत्तम भावों के साथ आगे बढ़ रही है।मुमुक्षु बहन इंटियर डिजाइनर है।2023 चातुर्मास मंजुलाश्रीजी मसा के गोचरी सेवा से शुरु हूई यह यात्रा अब मोक्ष मार्ग की यात्रा की ओर आगे बढ़ चले है।लोगो को पूरी जिंदगी लग जाती हैं धर्म को समझने में उन्होंने चार महीने के चातुर्मास में ही धर्म के मर्म को जान लिया।उन्नयन शिविर के लाइफ को जिया जहां पर नाइंटी परसेंट साधु चर्या का पालन किया उसके बाद जाना कि ये हो सकता है।कर सकते हैं।गुरुदेव के पास पहुंचे। गुरुदेव ने एक वाक्य बेटी के लिए की कर सकते हैं व एक वाक्य माँ के लिए कहा कि बेटी के आत्मविकास के लिए बाधक न बनें और पारिवारिक जनों ने अनुज्ञा दे दीं।अनुमोदना में भी धर्म है।रामजन्मभूमि देशनोक में दीक्षा होनी है।।दीक्षा का मार्ग एयरोप्लेन का मार्ग है जो मार्ग के बाधाओं से परे होकर मंजिल को पहुंचा देता है।इस दौरान संघ समाज के लोगों ने मुमुक्षु बहन के सारे पारिवारिक जनों को मंचस्थ किया व उनका अभिनन्दन किया। महावीर महिला मंडल ने मंगलाचरण की प्रस्तुति की गई ।समता महिला मंडल ने अभिनंदन गीत की प्रस्तुति दी। क्षेत्रीय विधायक अनिला भेड़िया राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र गांधी मोहनलाल बाफना चंचल सांखला विनोद पारख समता युवा संघ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदेश टाटिया महामंत्री विजय भंसाली वीणा श्रीश्रीमाल ममता नाहटा अनिल पारख नवीन देशलहरा लाभचंद बाफना यशवंत जैन संध्या धाड़ीवाल नीरू बैद गंभीर सांखला आदि उपस्थित अतिथियों का कुमकुम तिलक व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विशेष अतिथि महेश नाहटा ने कहा कि गुरु भगवन आचार्य श्रीरामलाल जी मसा के सानिध्य में 447 दीक्षा हो चुकी है संयम शतम में कुल 74 दीक्षा हो गई है 24 दीक्षाए खुल गई है16 राज्यों में जिनशासन का की अद्भुत प्रभावना हो रही है।

विशेष अतिथि क्षेत्रीय विधायक अनिला भेड़िया ने रुंधे गले से आशीर्वचन देते हुए मुमुक्षु बहन को जिनशासन की अद्भुत प्रभावना करने की शिक्षा दी व इस दीक्षा प्रसंग के अवसर पर महीने में चार दिन रात्रिभोजन त्याग के संकल्प लिया।अर्चना महिला मंडल ने प्रहसन की सुंदर प्रस्तुति दी।

नरेंद्र गांधी ने कहा कि मेघा के अभिनन्दन समारोह की अनुमोदना के लिए उपस्थित हुए यह बड़ा भाग्य है।सिद्ध लक्ष्य को प्राप्त करें।डोसी परिवार की बहुओं ने गीतिका के माध्यम से अपने भाव रखे।वीर भ्राता सौरभ व भाभी वर्षा डोसी ने अपनी बहन की कमी से होने वाले दुःख को रेखांकित करते हुए मेघा के बचपन की बातों को बताया।उन्होंने कहा कि बिना बहन के होली दिवाली की खुशी को कैसे बाटेंगे।हमारा बचपना रह गया व वह समझदार हो गई।।वीर माता मधु डोसी ने कहा कि वह अपने सपनो के आसमान में उड़ने जा रही है।निरन्तर आगे बढ़ना व जिनशासन की प्रभवना करना गुरु के आज्ञाओं में चलना उनकी आज्ञा को शिरोधार्य करना।मामा सचिन पारख ने कहा कि भांजी मुमुक्षु मेघा ने ठान लिया है कि वे संयम मार्ग पर चलकर चौदहवें गुण स्थान पर पहुंचेगी।उनके संयमी जीवन की भूरि भूरि अनुमोदना। मेघा दोसी का 8 अक्टूबर को जन्मदिन भी है-,मुमुक्षु मेघा डोसी के आठ अक्टूबर अभिनन्दन समारोह के दिवस ही जन्मदिन भी था।संघ समाज व पारिवारिक जनों ने केक खिलाकर उनका आखिरी जन्मदिन भी सेलिब्रेट किया।इसके बाद साध्वी जीवन में जन्मदिन केक आदि नही मनाया जाता है।सिर्फ आत्मा के कल्याण के कार्य किए जाते हैं। इस वर्ष यह नगर की चौथी दीक्षा है।राखी सांखला के 7 फरवरी व नेहा डोसी व साक्षी भन्साली के 4 जून को हुए थे व अब 3 नवम्बर को मेघा डोसी के देशनोक में आचार्य भगवन श्रीरामलाल जी मसा के मुखारविंद से होंगे।

