बालोद । जिले के शिक्षित बेरोजगारों का शोषण बंद करने की मांग को लेकर बालोद जिले की हिंद सेना द्वारा 7 अक्टूबर को जिला कलेक्ट्रेट के पास एक दिवसीय हल्ला बोल कार्यक्रम रखा गया है। जिसमें प्रतीकात्मक मुंडन करवा कर प्रदर्शन भी होगा । यह प्रदर्शन महिला बाल विकास विभाग जिला बालोद के मिशन वात्सल्य योजना के संविदा भर्ती 2024-25 में हो रही गड़बड़ी/ भ्रष्टाचार के विरुद्ध तथा विभाग द्वारा जन सूचना अधिकार अधिनियम का उल्लंघन के विरोध में किया जा रहा है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ यह प्रदर्शन होगा। जिसके लिए शासन प्रशासन को पहले ही अल्टीमेटम दिया जा चुका है। आरोप है कि शासन के नियम अनुसार पात्र व्यक्ति को दरकिनार कर मनमाने तरीके से अपात्र किए जाने के विरोध में अस्थाई संविदा भर्ती पर अधिकार जमाना बंद करो, बालोद जिले के शिक्षित बेरोजगारों का शोषण करना बंद करो, इस नारे के साथ यह प्रदर्शन होगा। जिले के युवा बेरोजगारों अब तो जागो, अपने अधिकार के लिए अब ना जागे तो अधिकारी अपना अधिकार जमाएंगे और अपने चहेते लोगों को नौकरी पर लगाएंगे, यह अपील हिंद सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी द्वारा की जा रही है। पूर्व में भी जनदर्शन में मामले को लेकर शिकायत की गई थी लेकिन अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके तहत हिंद सेना द्वारा अब मुंडन के साथ हल्ला बोल प्रदर्शन किया जाएगा।
खुलकर आए सामने, हक की लड़ाई लड़ने के लिए

हिंद सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक श्री योगी ने कहा है कि हमारे अपील के बाद एक अभ्यर्थी राकेश जोशी खुलकर सामने आए हैं, वैसे उन्होंने अन्य अभ्यर्थियों से भी जिनके साथ अन्याय हुआ है, उन्हें सामने आने की अपील की है ताकि हम साथ में कदम से कदम मिलाकर अपने हक की लड़ाई लड़ सके। ताकि विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सके।
इस तरह के भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं
- विगत पिछले वर्ष 2024 में चाहे मिशन वात्सल्य योजना के बाल संरक्षण इकाई में रिक्त 08 पदों तथा चाइल्ड हेल्प के रिक्त 08 पदों पर छ.ग. शासन के भर्ती नियमावली को दरकिनार कर अपनी मर्जी से अपने चहेतों को नौकरी लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उदाहरण स्वरुप विभाग के ही संविदा कर्मचारी योगेश कुमार ऑपरेटर के पद पर नियुक्त है जिसे पूर्व में परामर्शदात्रा उच्च पद पर विभाग द्वारा पात्र किया गया। विभाग को अभ्यर्थी के माध्यम से जानकारी होने के डर से अपात्र कर दिया गया व अपनी सूची में सुधार किया। जो कि विभाग में चल रहे घोर भ्रष्टाचार को दर्शाता है। कलेक्टर के नाम से दिए शिकायत पत्र में पूर्व में पात्र किए गए कापी को भी संलग्न किया गया है।
- वांछित योग्यता को महत्व नहीं दिया जा रहा है।
- छ.ग. शासन के नियमानुसार अनिवार्य अनुभव प्रमाण पत्र में स्पष्ट रुप से महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में कार्य करने वाले शासकीय या अशासकीय (एनजीओ) या लॉ के क्षेत्र में कार्य अनुभव को मान्य कर उसे अनुभव अंक प्रदान किया जाना है,पर ऐसा नहीं किया जा रहा।
- इसमें केवल अपने मनमर्जी से सरकारी विभाग बस में कार्य करने के अनुभव को मान्य कर रहे हैं जो नियम के विरुद्ध है।
- 2024 में रिक्त पद पर आवेदन आमंत्रित किया गया जिस पर जिला प्रशासन के सर्वे के आधार पर ही अस्थायी संविदा पद पर भर्ती निकाला गया जिसे छ.ग. शासन के विरुद्ध जिला प्रशासन सेवा समाप्त किये हुए व अधिक उम्र के व्यक्ति का सेवा बढ़ाया गया जो कि अनुचित है। इससे कई अभ्यर्थियों को आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है।
- अस्थायी संविदा कर्मचारी पद पर आसीन होकर स्वयंभू बन बैठे हैं जैसे उस पद पर छ.ग. शासन भर्ती न ला सके।
