बालोद महाविद्यालय में एनएसएस स्थापना दिवस मनाकर प्रेरणा पुरुष स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शो को याद किया गया



बालोद। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएस के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जी एवं माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं वंदन से किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. जी. एन. खरे ने कहा कि एनएसएस युवाओं को सेवा, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ता है। “नॉट मी बट यू” का आदर्श हर स्वयंसेवक को यह सिखाता है कि व्यक्तिगत हित से पहले समाज और राष्ट्र का हित सर्वोपरि है। स्वामी विवेकानन्द जी के विचार ही एनएसएस की आत्मा हैं। विवेकानन्द जी ने कहा था – “तुम मुझे सौ ऊर्जावान युवा दो, मैं दुनिया बदल दूँगा।” यही विचार युवाओं को समाजसेवा, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं। एनएसएस स्वयंसेवक स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, साक्षरता, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज में परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।


वरिष्ठ स्वयंसेवक गजेंद्र ढीमर एवं लक्ष कुमार साहू राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी स्थापना वर्ष 1969 में महात्मा गांधी की जन्मशताब्दी के अवसर पर की गई थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में सामुदायिक जीवन, सहयोग, सेवा-भाव और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि एनएसएस युवा शक्ति को स्वामी विवेकानन्द के आदर्श – “सेवा ही सर्वोच्च धर्म है” को आत्मसात करने का अवसर देता है। डिलेश्वर देशमुख ने राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों को अनुशासन एवं व्यक्तित्व विकास सीखता है , सभी स्वयंसेवकों को अनुशासन को अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कही ।


इस अवसर पर स्वयंसेवकों को एनएसएस डायरी और बैच का भी वितरण किया गया स्वयंसेवकों ने सेवा-संकल्प गीत गाया और एनएसएस शपथ ली कि वे हर परिस्थिति में निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करेंगे, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहेंगे। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में वॉलिंटियर्स को साइबर स्वच्छता से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई । कार्यक्रम का संचालन एनएसएस वॉलिंटियर जय नारायण मांडले ने किया । इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक विश्वजीत बघेल, राजेश बक्शी, विकास साहू , दीपचंद , कल्पना धनकर , बिनीता मंडावी, निधि चंद्राकर, नम्रता निर्मलकर ,जागृति बारले दूलेश्वरी , प्रियंका यादव , गणेश्वरी ,अंजलि ,कविता ,पुष्पेंद्र, चैतन्य , गौकरण , दानवी साहू, रोशनी , जागृति साहू, प्रियंका रावटे, नंदिनी , मोनिका, रश्मि , योगिता सहित 80 की संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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