
बालोद । ताजुद्दीन आसिफ, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी टीकेश कुमार तुमरेकी पिता देवीलाल तुमरेकी, उम्र 22 वर्ष, निवासी-कोरगुडा, थाना-बालोद. जिला-बालोद (छ.ग.) को भा.द.सं. की धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास एवं 100/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सनद कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया, जिसके अनुसार प्रकरण के प्रार्थी भरतलाल देवांगन दिनांक 12/04/2024 को थाना-बालोद में उपस्थित होकर अज्ञात अभियुक्त के विरूद्ध इस आशय की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक-12/04/2024 को रोज की तरह सुबह नित्य काम उसके परिवार वाले कर रहे थे। उसके पिता फगुवाराम (मृतक) घर का गोबर कचरा झोले में डालकर अपने सायकल से 09:00 बजे बरेठ चक के खेत में गोबर कचरा को फेंकने के लिए निकले थे। रोज वह 1 घण्टे में वापस आ जाते थे, लेकिन घटना दिनांक को 12 बजे तक वापस नहीं आने पर वह अपनी मोटर सायकल से अपने पिता फगुवाराम (मृतक) को खोजने के लिए खेत गया, जहां नहर पार में उसने देखा कि उसके पिता जी की सायकल गिरी हुई है एवं पैरा बिखरा हुआ था। उसने पास आकर देखा तो उसके पिता फगुवाराम खेत में मृत हालत में पड़े हुए थे। नजदीक जाकर देखा तो उसके पिता जी का सर धड़ से अलग हो गया था. दाहिने पैर में गहरी चोट का निशान था। शव के आसपास बहुत सारा खून निकलकर बह गया था। उसके पिता फगुवाराम को किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार औजार से मारकर सिर को धड़ से अलग कर दिया है तथा कई जगह वार कर हत्या कर दी थी। उक्त आशय की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात अभियुक्त के विरूद्ध थाना-बालोद में अपराध क्रमांक-221/2024, अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता धारा 302 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान अज्ञात अभियुक्त का पता तलाश करने के दौरान घटना के बाद से गांव के टीकेश तुमरेकी को लगातार गांव से बिना किसी सूचना के बाहर रहना पाये जाने से उस पर लगातार निगाह बनाए रखी गई। इस दौरान टीकेश तुमरेकी को गांव के आसपास लुकछिप अवस्था में रहना पाये जाने की सूचना पर घेरा बंदी कर पकडने के बाद बारीकी से पूछताछ करने पर उसने अपराध करना स्वीकार करने से गवाहों के समक्ष पूछताछ कर उसका धारा 27 साक्ष्य अधिनियम के तहत् मेमोरेण्डम कथन लिया गया। कथन के आधार पर अभियुक्त की निशानदेही पर घटना के समय प्रयुक्त एक नग लोहे के हंसिया को तथा घटना के समय अभियुक्त द्वारा पहने गए कपड़ों को गवाहों के समक्ष जप्त किया गया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय में दिनांक 12-07-2024 को अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण में आये प्रबल एवं ठोस साक्ष्य के आधार पर पयोजकको उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचन उ.नि कमला यादव, निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के द्वारा किया गया।
