एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त, काम पर लौटे जिले के 464 कर्मचारी



बालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे। इस क्रम में बालोद जिले के 464 कर्मचारी भी काम पर लौट आए हैं। जिससे पुनः स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर आएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है।

ये मांगे हुई पूरी

  1. 27 %में से 5% वेतन वृद्धि जुलाई 23 से।
  2. 5 लाख का कैसेलेस चिकित्सा सुविधा।
  3. 30 दिन का चिकित्सा अवकाश सवैतनिक।
  4. CR में पारदर्शिता।

इन मांगो को लिए होगा समिति का गठन

  1. ग्रेड पे
  2. स्थानांतरण नीति
  3. अनुकंपा नियुक्ति

नियमितीकरण और संविलियन की प्रमुख मांग को लेकर सरकार ने आश्वासन दिया है।

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