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भारतीय किसान संघ गुरुर के पदाधिकारियों ने कहा : किसानों के प्रदेश में किसानों का शोषण बंद हो

विभिन्न मुद्दों को लेकर तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन

गुरूर- गुरूर ब्लाक में भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में गुरूवार को तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम को विभिन्न समस्या पर आधारित ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जिला मंत्री चाणक्य लाल यादव, भारतीय किसान संघ जिला बालोद, जीवन लाल साहू गुरूर ब्लाक अध्यक्ष, बालोद ब्लॉक मंत्री लक्ष्मीचंद धनकर, यशवंत पुरी गोस्वामी, खिलेश्वर साहू, उमाशंकर साहू, मोतीलाल साहू,जीवन भुआर्य, नारायण साहू, लीला राम सिन्हा,मनोज साहू,हरिश हिरवानी एवं अन्य किसान उपस्थित थे।भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि प्रदेश में किसान खाद, बिजली, पानी की समस्या से काफी व्यथित हैं। प्रदेश में तीनों समस्या विकराल रूप धारण करते जा रही है। खाद के लिए प्रदेश में मारामारी हो रही है। किसान खाद महंगे दामों में लेने हेतु विवश है। बिजली कटौती से किसान त्रस्त है। नहरों का पानी अंतिम गांव तक पहुंच नहीं पाया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ का किसान खेती कैसे कर पाएगा? ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रशासन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अधिकारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है और इसे रोक पाना संभव दिखाई नहीं देता है। इसलिए मुख्यमंत्री से प्रदेश के शोषित पीड़ित किसानों की मांग है कि किसानों के इस प्रदेश में किसानों का शोषण बंद होना चाहिए एवं उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण होना चाहिए। यदि किसानों को तत्काल राहत नहीं मिली तो भारतीय किसान संघ बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

क्या है किसानों की प्रमुख समस्याएं व मांगे

खाद की कालाबाजारी बंद हो और सहकारी समिति में भंडारण सुनिश्चित हो। बिजली कटौती पूर्ण बंद हो तथा घरेलू बिजली पर पुनः हाफ बिजली बिल योजना लागू की जाए। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए और नहर का पानी अंतिम गांव तक पहुंचे ऐसी व्यवस्था हो। पिछले सरकार की न्याय योजना की बकाया चौथी किश्त दीपावली से पूर्व भुगतान की जाए। धान की राशि प्रति क्विंटल 3100 में केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में की गई 186 रुपए की बढ़ोतरी को जोड़कर 3286 रुपए का भुगतान किया जाए। धान खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ की जाए। दलहन तिलहन की खेती पर प्रति एकड़ 20000 अनुदान दिया जाए तथा रबी में दलहन तिलहन, मक्का, सूरजमुखी की खरीदी की जाए। कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को जोड़ा जाए। जैविक खेती में जो अनुदान भारत सरकार देती है उसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिया जाए। धान खरीदी में किसानों से प्रतिबोरी 40.700 किलोग्राम धान से अधिक नहीं लिया जाए एवं सरकारी विज्ञापनों में तथा सभी समितियां में यह बैनर द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए। गन्ना का समर्थन मूल्य के अलावा ₹200 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाए। गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ना कटाई और परिवहन के लिए खनिज न्यास से पैसा दिया जाए। गिरते हुए भू जल स्तर को देखते हुए ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसलों को प्रोत्साहित किया जाए एवं दलहन तिलहन फसलों को समर्थन मूल्य में खरीदी की व्यवस्था की जाए रवि शंकर जलाशय (गंगरेल बांध) लिंक नहर के द्वारा बालोद के ताँदुला को जोड़ा जाए

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