बालोद। बुधवार को धूमधाम से विश्वकर्मा पूजा मनाया गया। जिसमें पौराणिक कथा के अनुसार जिसमें भगवान श्री विश्वकर्मा को स्वर्ग लोक पुष्पक विमान कुबेर पुरी आदि की रचना कहा जाता है। कन्या संक्रांति पर विश्वकर्मा पूजा मनाया जाता है पूजा अर्चना के साथ ही उनसे जुड़ी कथा का पाठ भी होता है। विश्वकर्मा पूजा की कहानी और महत्व माना जाता है कि विश्वकर्मा भगवान ने भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र और पांडव की इंद्रप्रस्थ नगरी का भी और भगवान श्री कृष्ण की द्वारका नगरी और भगवान इंद्र का वज्र और रावण की सोने की लंका का अपने हाथों से बनाया है।

इस क्रम में गंगा सागर तालाब तट बालोद में मिस्त्रियों ने अपने सभी औजारों के साथ विश्वकर्मा भगवान की पूजा अर्चना की। इस दौरान मंगल निर्मलकर, रोशन कुमार, रोशन साहू, जितेश, चिंताराम कुंभकार, भूपेश, धनंजय मौजूद थे।
