बालोद। किरण कुमार जांगडे, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी चन्द्रशेखर उर्फ चंदू उर्फ शेखर गायकवाड़ उम्र-26 वर्ष, निवासी-लिम्हाटोला, थाना-डौण्डी, जिला-बालोद (छ.ग.) को भा.द.सं. की धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास एवं 500/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सनद कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया। जिसके अनुसार-प्रकरण का प्रार्थी धरम सिंह गायकवाड के द्वारा दिनांक 10/11/2023 को थाना-डौण्डी में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 10-11-2023 को सुबह लगभग 07:30 बजे उसे मोबाईल से सूचना मिला कि ग्राम अवारी केवटपारा आ जाओ एक व्यक्ति की पहचान करना है, तब वह मोटरसायकल से ग्राम अवारी केंवटपारा में फूलसिंह गोड के घर के पास जाकर देखा जहां काफी भीड़ था, फूलसिंह गोड के घर के सामने आंगन में एक व्यक्ति उबड़ी हालत में मुंह के बल पड़ा हुआ था उसके सिर में धारदार हथियार से मारने से कटने का निशान था, काफी खून बह रहा था, उस आदमी के पहने हुए सफेद लाईनिंग चौखना एव नीले रंग के पैंट को देखकर पहचान किया कि उसका भाई भावसिंह गायकवाड है। उसके भाई भावसिंह गायकवाड को कोई अज्ञात व्यक्ति धारदार हथियार से उसके सिर में मारकर हत्या कर दिया है। प्रार्थी के उपरोक्त मौखिक रिपोर्ट पर थाना-डौण्डी में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा-302 भादवि के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया गया । साक्षी फूलसिंह गोड़ का कथन है कि घटना दिनांक की रात्रि को वह आरोपी एवं मृतक के साथ अपने घर के आंगन में एक साथ बैठकर देशी महुआ शराब पिया था और उसे ज्यादा नशा होने पर वह अपने कमरे में जाकर सो गया था। आरोपी और मृत दोनों उसके आंगन में बैठे थे, जब वह सुबह 04 बजे सोकर उठा तो देखा कि उसके घर के आंगन में भावसिंह उबड़ी पडा हुआ था। जिसे देखकर डर गया था और कोटवार को जाकर घटना की सूचना दिया था। आरोपी से मृतक जमीन खरीदे थे और 1,70,000/- रूपये दे दिये थे परंतु जमीन का रजिस्ट्री के लिये बोलने पर वह हमेशा टाल देता था, जिससे दोनों में वाद-विवाद होता था। उसी बात को लेकर आरोपी जान से मार दूंगा बोलता था। उक्त आधार पर थाना डौण्डी द्वारा आरोपी का मेमोरेण्डम कथन में आरोपी द्वारा अपराध करना स्वीकार कर टंगिया को तालाब से जप्त किया गया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय में दिनांक 09-02-2024 को अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण में आये प्रबल एवं ठोस साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना स.उ.नि.दुर्जन लाल रावटे व निरीक्षक सुनील तिर्की के द्वारा किया गया।
