बालोद। भक्त माता कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय बालोद सोमवार को प्रभारी प्राचार्य श्री तरूण कुमार के मार्गदर्शन में हिंदी दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ । कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा की महत्ता और उसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे एवं हिंदी के रचनाकारों के छाया चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। प्रभारी प्राचार्य श्री तरूण कुमार ने हिंदी भाषा के महत्व को बताते हुए कहा कि डिजिटल युग में हिंदी भाषा का महत्व कम नहीं हुआ, उनके विकास के लिए हर संभव प्रयासरत रहना चाहिए। तत्पश्चात हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. धीवराज कुमार भोयर ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नही है बल्कि यह हमारे सभ्यता और संस्कृति का दर्पण है। हिंदी भाषा हमें एकता और भाईचारे का संदेश देता है। आज हम सब संकल्पित होकर हिंदी के सम्मान, गरिमा और उपयोगिता के विकास से अपना योगदान देंगे। प्रो. संतोष कुमार राना ने संबोधित करते हुए भाषा की उत्पत्ति और उपादेयता पर प्रकाश डाला। हमें अपने हिंदी भाषा पर गर्व होना चाहिए तथा उसके संवर्धन में हमें प्रयासरत रहना चाहिए।

डॉ. दीपाली ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृभाषा संस्कृति और मानवता से जुड़े रहने का संदेश देता है। हिंदी का दर्जा केवल भाषा तक नहीं है बल्कि यह भारतीयता और एकता का प्रतीक है। डॉ. श्रेष्ठा शुक्ला ने हिंदी भाषा के इतिहास को बताते हुए कहा कि हिंदी मानवीय भावों का प्रतीक है। श्री विनोद कुमार साहू ने हिंदी भाषा से संबंधित कविता का वाचन किया जिसमें हिंदी भाषा के छंद, रस, अलंकार इत्यादि से युक्त थे, हिंदी भाषा मनुष्य के भावना को प्रकट करने का सशक्त माध्यम है। श्रीमती त्रिवेणी सेन ने कहा कि हम हिंदी को भूलते जा रहे है जैसे अपने बुजुर्ग को भूल गए। बुजुर्ग सम्मानीय और अनुभवी होते है, उसी तरह हिंदी भाषा है। हमें इसके विकास और संवर्धन में प्रयासरत रहना चाहिए। हिंदी दिवस के सुअवसर पर छात्राओं ने गीत, कविता एवं भाषण प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सुश्री जिज्ञासा पटेल ने किया । उक्त कार्यक्रम में श्री सोमन लाल तारम, श्री रूपेन्द्र कुमार ठाकुर, श्री यशवन्त देशमुख, श्री धरमू राम राउत, सुश्री प्रीति ठाकुर एवं छात्राएँ उपस्थित रही।
