गुरूर-महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बीते दिनों पीएम श्री आत्मानंद विद्यालय गुरुर में किया गया। जो एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना गुरूर के तत्वाधान में आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत इस तरह के आयोजन विभिन्न संस्थाओं में चल रहे हैं।

इस अवसर पर शासकीय कन्या शाला गुरुर की छात्राओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर आकर्षक रंगोली बनाकर भ्रूण हत्या रोकने, बेटियों को बढ़ावा देने की अपील की। आयोजन में मुख्य तिथि के तौर पर स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा भी शामिल हुई। जिन्होंने बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी सेहत पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए यह अच्छा आयोजन है। आज के परिवेश में हम लोग फास्ट फूड के प्रति ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। जल्दी खाना है तो मैगी बना लेते हैं, चिप्स कुरकुरे खाने के लिए आतुर रहते हैं। यह लोगों की आदत में आ चुका है। लोग इसके प्रति आकर्षित होते हैं। ऐसे में हम पूर्वजों के व्यंजनों से दूर होते जा रहे हैं। हरी सब्जियों को पहले लोग महत्व देते थे पर हम उनसे दूरी बना रहे हैं। अब ऐसे आयोजनों के जरिए जागरूक करने का समय आ गया है। बच्चियों को आगे चलकर स्वस्थ मां बननी है तो अभी से सेहत और खानपान को लेकर संभलना होगा। ताकि आगे चलकर उन्हें परेशानी ना हो। अभी से अंकुरित बीज, सही पोषण की जरूरत होती है। पालकों को इस ओर जागरूक होना चाहिए। मैं सभी से अपील करती हूं कि सभी जागरुक हो। फास्ट फूड के बजाय फल सब्जी में आकर्षित हो। ऐसे फास्ट फूड का सामान घर में ही ना रखें। जो हमारी भारतीय संस्कृति के तहत व्यंजन है उन्हें बढ़ावा दे। रंगोली भी काफी आकर्षक बनाए गए थे। सभी बच्चियों ने अच्छा बनाया था। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, भ्रूण हत्या, बेटियों से भेदभाव को प्रदर्शित किया गया था। सभी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ऐसी प्रतियोगिता होती रहनी चाहिए इससे बेटियों में और जागरूकता आती है।
ये भी रहे मौजूद

आयोजन में अन्य अतिथियों के रूप में जनपद अध्यक्ष सुनीता संजय साहू, महिला बाल विकास विभाग की सभापति संध्या साहू, जनपद सदस्य सुभद्रा ईशा प्रकाश साहू, स्कूल प्राचार्य बीपी यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी, पर्यवेक्षक, सभी सुपरवाइजर सहित बाल संरक्षण विभाग की टीम, शक्ति मिशन और मां संरक्षण की टीम मौजूद थी। आयोजन का उद्देश्य बालिका और महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक करना था। विभाग के अधिकारियों ने शासन की योजनाओं की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने भी पोषण संबंधी संदेश बालिकाओं को दिए। इस दौरान रंगोली प्रतियोगिता के साथ पौष्टिक व्यंजन प्रतियोगिता भी हुई।

