मामला पलारी के बसंत लाल साहू के घर का, छत पर लगाया है उन्होंने सोलर सिस्टम, अनुदान के लिए काट रहे दफ्तर के कई चक्कर
बालोद/गुरुर- हाल ही में सरकार पीएम सूर्य घर योजना को लेकर खास प्रचार प्रसार करती नजर आ रही है। इस योजना के तहत जहां केंद्र सरकार अलग-अलग किलो वाट पर 30 हजार से 78 हजार तक अनुदान देती है तो वहीं राज्य सरकार ने भी इसमें अपनी ओर से 15 हजार से ₹30 हजार सब्सिडी देने की घोषणा की है और यह योजना शुरू भी हो गई है। लेकिन अपने घरों में सोलर सिस्टम लगवाने वाले हितग्राही आज अपने अनुदान के लिए भटक रहे हैं। हैरत करने वाली बात यह है कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन तक ने जो अनुदान मिला नहीं है, उसे मिल चुका बता दिया है। वह भी बकायदा मीडिया के जरिए, यानि शासन के नुमाइंदों ने मीडिया को भी भ्रामक खबर जारी कर दी। मामला है गुरूर ब्लॉक के नगर पंचायत पलारी के रहने वाले बसंत साहू के घर का। पिछले दिनों जनसंपर्क विभाग/ जिला प्रशासन बालोद के द्वारा योजना के प्रचार में एक खबर जारी की गई थी कि कैसे कम खर्चे में बेहतर सुविधा मिलने से कृषक बसंत लाल साहू के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फायदेमंद साबित हो रही है। इस जारी समाचार में बताया गया था कि किसान द्वारा कार्यपालन अभियंता विद्युत वितरण कंपनी बालोद में घर पर सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन करने के साथ 3 मार्च 2025 को उनके यहां पैनल लगाया गया। इसके लिए उन्होंने कुल 1 लाख 40 हजार रुपए राशि जमा किया था। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार द्वारा कुल 78 हजार और राज्य सरकार के द्वारा ₹30 हजार का अनुदान प्रदान किया गया है, ऐसा जारी खबर में बताया गया। पर जब किसान को 9 सितंबर को विभिन्न मीडिया के जरिए प्रकाशित हुई खबर के बारे में पता चला तो वे देखकर दंग रह गए। पहले तो उन्हें लगा कि कहीं धोखे से विभाग ने मेरा अनुदान राशि किसी और के खाते में तो नहीं डाल दिया! किसान ने पहले तो सीधे बालोद के कार्यालय में जाकर पूछा कि मुझे तो राज्य सरकार का 30 हजार अनुदान मिला ही नहीं है तो इसमें कैसे लिखा है।इस पर एक अधिकारी कहने लगे मिला नहीं है तो मिल जाएगा। धीरे-धीरे सबको मिलेगा। किसान बसंत साहू ने बताया कि 9 सितंबर से लगातार वे कई दिन से विभाग के चक्कर काट रहे हैं और पूछ रहे हैं कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला 30 हजार कब मिलेगा? बसंत साहू के पुत्र नागेन्द्र साहू ने योजना की हकीकत और विभाग के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि उनके घर पर 2 किलो वाट का सोलर पैनल लगा है पर मैंने मीडिया में 3 किलो वाट का पढ़ा, उन्हें 78000 केंद्र और राज्य से 30000 अनुदान मिलने का दावा विभाग ने मीडिया के जरिए किया है पर उन्हें तो 2 किलो वाट के हिसाब से केंद्र सरकार की ओर से 63000 मिले हैं राज्य सरकार के अनुदान का अभी तक कुछ पता नहीं है। उन्होंने कहा कि 1 लाख 40 हजार रुपए जमा किए थे। जिसमें 15000 रुपए फिटिंग चार्ज काटकर सोलर पैनल लगाया गया और अनुदान स्वरूप 63000 मिले हैं। पर ₹30000 कब मिलेंगे इस बारे में संतोषजनक जवाब विभाग के किसी जिम्मेदार अधिकारी के पास नहीं है। आज,कल में मिल जाएगा ऐसा कह कर उन्हें कई दिनों से घुमाया जा रहा है। योजना में इस तरह से ठगे जाने को लेकर उन्होंने स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा से भी शिकायत की है।
सीएम घोषणा तो कर देते हैं पर अमल नहीं कर पाते : विधायक संगीता सिन्हा

मामले में विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि इस संबंध में किसान मेरे पास शिकायत लेकर आए थे कि उन्हें ₹30000 अनुदान मिला ही नहीं है और मीडिया में विभाग द्वारा खबर जारी कर दावा कर दिया गया है कि उन्हें अनुदान मिल चुका है। यह तो सरासर हितग्राही के साथ धोखा है। रही बात मुख्यमंत्री की घोषणा की, वह घोषणा तो कर देते हैं पर अमल नहीं कर पाते और यही वजह है कि पीएम सूर्य घर योजना में संबंधित हितग्राही अनुदान के लिए भटक रहे हैं। दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें अनुदान तो नहीं सिर्फ अधिकारियों द्वारा आश्वासन मिल रहा है,पर योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा बिजली विभाग द्वारा और भी कई लापरवाही बरती जा रही है।
अभी तक किसी को नहीं मिला 30000 अनुदान राशि : सूत्र

इधर बिजली विभाग से ही जुड़े हुए गुरुर के कुछ अधिकारियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्तों पर बताया कि गुरुर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 30 से ज्यादा सोलर पैनल अलग-अलग घरों में लगाए जा चुके हैं पर अभी तक किसी को 30000 राज्य सरकार का अनुदान राशि नहीं मिला है। इससे जब हितग्राही विभाग में शिकायत करते हैं तो अधिकारियों के पास भी कोई जवाब नहीं होता है। कब मिल पाएगा इसकी भी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में लोग खुद को ठगा सा भी महसूस करने लगे हैं।
