धनोरा में भी आया धर्मांतरण का मामला, सर्व हिंदू समाज ने की एसडीएम से शिकायत



अवैध प्रार्थना सभा पर रोक लगाने की मांग, गांव का माहौल हो रहा खराब, अप्रिय घटना घटने का जताया अंदेशा

गुरुर– बुधवार को सर्व हिन्दू समाज ब्लाक गुरुर ने राजस्व ग्राम धनोरा में अवैध प्रार्थना सभा को तत्काल बंद कराने एस डी एम गुरुर आर के सोनकर को ज्ञापन सौंपा है। हितेंद्र गंजीर, परमानंद साहू, चुन्नू साहू, कोमल साहू, नीलाम्बर साहू, नारायण यादव, गोविंद यादव, तमेश साहू ने बताया कि राजस्व ग्राम धनोरा(भरदा) में पुराने सोसायटी के पास एक मकान में ग्रेसी प्रार्थना सभा का बोर्ड लगा कर प्रत्येक रविवार को सुबह 8 से 11 बजे तक अवैध प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों को मतांतरण का कार्य किया जाता है। जिससे आसपास के लोगो का माहौल खराब किया जा रहा है।जो कभी भी अप्रिय घटना की स्थिति में है इसलिए इसे तत्काल बंद कराने की मांग की जा रही है।उन्होंने बताया कि मतांतरण की स्थिति में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकता है। इसलिए ग्रेसी प्रार्थना सभा को बंद कराने की मांग एसडीएम गुरुर से की है ।ज्ञापन सौपने वाले मे खिलेश्वर साहू, राकेश साहू, जयंत साहू, चौलेश देशमुख, आनंद शर्मा, रवि साहू, राजेंद्र साहू, डाकेश साहू, नीरज सेन,टेमन साहू शामिल है। ज्ञापन को लेकर एसडीएम श्री सोनकर ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

भारत माता की जय तक नहीं बोलते हैं यह लोग

शिकायतकर्ता डाकेश साहू ने बताया कि धर्मांतरण और मत्तांतरण का खेल धनोरा में करीब डेढ़ साल से चल रहा है। जिससे स्थानीय ग्रामीण भी इनके प्रलोभन में आ रहे हैं। दूर-दूर से भी दूसरे गांव के लोग यहां प्रत्येक रविवार को इकट्ठा होते हैं। ये लोग गांव के रीति रिवाज को तो मानते ही नहीं है। स्थिति यह है कि भारत माता की जय तक बोलने से यह मना करते हैं । ऐसे में हिंदू धर्म संस्कृति तो नष्ट हो ही रही है, वही देशभक्ति और भाईचारा में भी दरार पैदा करने का काम ऐसे अवैध प्रार्थना सभा वाले कर रहे हैं ।

गुरुर के गांव में सक्रिय है मतांतरण करने वालों का गिरोह

सूत्रों से मेरी जानकारी के अनुसार गुरूर ब्लॉक के कई अंदरूनी गांव में ईसाई मिशनरिया काम कर रहे हैं। जो लोगों को कई तरह के प्रलोभन देने, इलाज के दावे आदि के जरिए उन्हें अपना धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं और इस तरह के प्रलोभन में आकर खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोग अपना धर्म बदलने लगे हैं। इससे हिंदू धर्म को काफी नुकसान हो रहा है वही समाज में विघटन की समस्या भी सामने आ रही है।

मुक्तिधाम में जगह देने से किया था ग्रामीणों ने इनकार

पिछले दिनों गुरुर ब्लॉक के ही सनौद में जब ऐसे ही ईसाई धर्म को मानने वाले परिवार में एक महिला की मौत हुई तो आक्रोशवश गांव वालों ने उनके शव को दफनाने के लिए मुक्तिधाम में जगह देने से इनकार कर दिया था। काफी तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। बाद में शासन प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। लेकिन महिला के शव को धमतरी के कब्रिस्तान में ले जाकर दफनाया गया। इसके बाद ईसाई धर्म का पालन कर रहे लोगों द्वारा राजस्व विभाग से गांव में कब्रिस्तान के जमीन देने की मांग भी की गई है। हालांकि मामला अभी लंबित है। लेकिन ऐसी परिस्थितियां अन्य गांव में भी बनने में देर नहीं है। क्योंकि गांव-गांव में कोई ना कोई परिवार ईसाई मिशनरियों की चपेट में आ रहा है ।

चैनगंज में पकड़े गए थे कई ग्रामीण

बीते दिनों जिले के गुण्डरदेही के चैनगंज के एक मकान के भूतल में अवैध प्रार्थना सभा का संचालन किया जा रहा था। जिस पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने छापा मारा तो वहां कई ग्रामीण महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में पकड़े गए थे। यह मामला ठंडा हुआ नहीं था कि अब धनोरा में धर्मांतरण को लेकर मामला सामने आया है। देखने वाली बात होगी कि शासन प्रशासन इसमें किस हद तक कार्रवाई करता है। संविधान में वैसे तो हर किसी को अपने हिसाब से कोई भी धर्म मानने का अधिकार है। उन्हें इस बात की स्वतंत्रता है। लेकिन किसी को प्रलोभन देकर, बहका कर या दबाव पूर्ण उन्हें अपने धर्म में शामिल करवाना एक अपराध भी है।

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