शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डौंडीलोहारा में विश्व प्राथमिक सहायता दिवस मना



डौंडीलोहारा-डौंडीलोहारा के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व प्राथमिक सहायता दिवस पर इसका प्रारंभ, उद्देश्य, कार्यक्षेत्र की जानकारी सहायक शिक्षक हेमंत साहू द्वारा प्रदान किया गया तथा समस्त कार्यक्रम का संचालन भी किया गया। सर्वप्रथम सर्वधर्म गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ तत्पश्चात संस्था प्रमुख एल के ठाकुर ने कहा कि बच्चों के साथ-साथ समुदाय को छोटी-मोटी दुर्घटना होने पर हमारे द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है तो उसे प्राथमिक सहायता कहते हैं। इसमें हम बच्चों को स्वच्छता की भी जानकारी प्रदान करते हैं। इसी क्रम में व्याख्याता डुप्ले साहू ने विद्यार्थियों को बताया कि मरीज की केवल प्राथमिक सहायता करना है मरीज की प्राथमिक चिकित्सा नही, और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय उपचार के लिए 108 या 112 में कॉल करना है। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा में पुरस्कार के माध्यम से भी बच्चों को हम इसमें जोड़ सकते हैं। कार्यक्रम में अतिथि मुख्य वक्ता के रूप में रेड क्रॉस समिति की आजीवन सदस्य व्याख्याता सीमा सुशील जामवंते मैम के द्वारा प्राथमिक सहायता के विषय में जानकारी प्रदान करते हुए FIRST AID का उपयोग घायल या चोटिल व्यक्ति को चिकित्सकीय मदद मिलने के पूर्व दी गई मदद है। हम अभी प्रशिक्षित नहीं हैं, अतः हमें केवल प्राथमिक सहायता करना है प्राथमिक चिकित्सा नहीं। यदि कोई बच्चा साइकिल से गिर जाता है और उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया है तो उसके हाथ को कॉपी, पुस्तक या लकड़ी की सहायता से उसके हाथ को स्कार्फ, गमछा या कुर्ते के माध्यम से स्थिर करने का प्रयास करना है। यदि रक्त प्रवाह अधिक हो रहा हो तो उस स्थान पर अधिक प्रेशर देकर दबाना है और पट्टी बांधना है।

यदि कोई कीड़ा जैसे मधुमक्खी या ततैया आदि हमला करते हैं तो उनसे बचने के लिए आंख व कान को बंद करके उखड़ू बैठना या उल्टा लेट जाना है। जंगली जानवरों के काटने पर या कुत्ते, बिल्ली के द्वारा काटे जाने पर उसे स्थान को 8 से 10 बार रनिंग वाटर से धोना है और हल्की पट्टी बांधना है, विद्यार्थियों के साथ समस्त स्टाफ को इस बारे में विस्तृत रूप से समझाया गया। श्रीमती जामवंते मैम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पानी में डूब रहा है तो अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे बाहर निकालना है तथा उसकी जान बचाना है। किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आने पर या तीक्ष्ण सर दर्द, पीठ दर्द या अधिक पसीना आ रहा है तो हमें उसे व्यक्ति को हवादार जगह पर बिठाना है उसकी आवश्यकता होने पर ABC चेक करने के बाद CPR दिया जा सकता है। करंट लगने पर तथा बेहोशी होने पर व्यक्ति को किस प्रकार का उपचार देना है यह जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम का आभार ज्ञापन व्याख्याता लवण कुमार साहू के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रदीप कुमार मेश्राम, रामसहाय देशमुख, डी आर साहू, संगीता वैदे, सी नंदा, ए के साहू, टी साहू, बी के पटेल, हेमपुष्पा नाइक, आर के कोठारी, बी के नायक, रेड क्रॉस के वालंटियर सहित समस्त स्टाफ उपस्थित थे।

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