पूर्व सरपंचों ने की मानदेय की मांग, 7 महीने से है बकाया



गुरुर। गुरुर ब्लॉक के पूर्व सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के नाम से ज्ञापन देते हुए मानदेय प्रदान करने की मांग की है। जनपद पंचायत गुरुर क्षेत्र के सरपंच संघ से जुड़े हुए पूर्व सरपंचों में शामिल पूर्व अध्यक्ष यशवंतपुरी गोस्वामी, लीलाराम सिन्हा, लच्छू राम देशलहरे, सत्यवान साहू, बल्ला राम कुंजाम, मोतीराम देवांगन सहित अन्य सरपंचों ने कहा है कि सभी सरपंचों के पिछले कार्यकाल का लगभग 7 महीने का मानदेय बकाया है। जबकि बालोद जिला अंतर्गत अन्य सभी जनपद में मानदेय प्रदान किया जा चुका है । अभी नए सरपंच जो बने हैं उन्हें भी मानदेय मिल गया है ऐसी स्थिति में पुराने सरपंचों को मानदेय नहीं मिल पाना अशोभनीय है। जल्द से जल्द जनपद पंचायत गुरुर के समस्त पूर्व सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों को मानदेय देने की मांग सीईओ से की गई है। इस दौरान जनपद अध्यक्ष सुनीता संजय साहू भी मौजूद थी।

जनपद से नहीं मिला संतोषजनक जवाब तो पहुंचे थे जिला पंचायत

यशवंत पुरी गोस्वामी ने कहा कि अपनी समस्या को लेकर हम पहले गुरूर जनपद गए थे। लेकिन अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण हम जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी से मिलने पहुंचे और उन्हें ज्ञापन दिया गया है। सीईओ द्वारा पता चला कि गुरुर जनपद पंचायत का ही मानदेय प्राप्त ना होना प्रशासनिक त्रुटि है। वे जल्द से जल्द मानदेय मिले इसके लिए शासन से पत्राचार कर रहे हैं।

सिर्फ गुरूर का मानदेय न मिलना हैरत करने वाली बात

पूरे बालोद जिले में अकेले गुरूर जनपद पंचायत के पूर्व सरपंचों और पंचों का मानदेय नहीं मिलना हैरत करने वाली बात लगती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचों और सरपंचों का एक करोड़ से भी ज्यादा मानदेय राशि बकाया है। चर्चा तो यह भी है कि यह पैसा जनपद के खाते में आ भी चुका था फिर वापस चला गया। लेकिन जब तक खाते में पैसा रहा, इस दौरान इसके पीछे लाखों के ब्याज भी कमाए गए होंगे। पर आज भी पूर्व जनप्रतिनिधि अपने मानदेय को लेकर तरस रहे हैं। इसे पूर्व सरपंचों ने खुद का अपमान बताया है और सम्मान की अपेक्षा के साथ वे जिला पंचायत सीईओ से मानदेय राशि जल्द दिलाने की मांग करने पहुंचे थे।

कर्मचारी की लापरवाही से बनी यह स्थिति

मामले की जब शिकायत हुई और जांच हुई तो पता चला कि गुरुर जनपद में पदस्थ कर्मचारी नेताम बाबू की लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी है। पूर्व सरपंचों ने जिम्मेदार दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। इस बारे में गुरुर जनपद सीईओ उमेश रात्रे ने कहा कि पेमेंट आया था परंतु हमारे जनपद के बाबू नेताम को जब जानकारी हुआ तब तक पेमेंट वापस चला गया था। वहीं नेताम बाबू ने जब सीईओ को इस संबंध में जानकारी दी तो सीईओ ने उच्च अधिकारी को पेमेंट के लिए लेटर दिखा है। बहुत जल्द ही पूर्व सरपंचों और पंचों को मानदेय मिल जाएगा। इसमें पूरी गलती नेताम बाबू की है।

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