शा.प्रा.शाला बरहीपारा में छत्तीसगढ़ रजत जयंती पर ग्रामीणों ने मनाया पुस्तक वाचन त्यौहार



बालोद/गुरूर-शा.प्रा.शाला-बरहीपारा में छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अंतिम दिवस पर धूमधाम से पुस्तक वाचन त्यौहार मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती पूजा के साथ हुआ। इसके पश्चात शिक्षिका पुष्पलता साहू ने धारा प्रवाह पुस्तक वाचन किया और पुस्तक वाचन के महत्व पर प्रकाश डाली। बच्चों को भी बारी बारी से पुस्तक वाचन कराया गया। प्रधान पाठक जोसेफ मैडम ने भी धारा प्रवाह वाचन किया। बरहीपारा की महिलाएं भी दोपहर खेतों से काम से आने के बाद स्कूल में विभिन्न स्तरों के पुस्तक पढ़कर सुनाया। यहां ग्रामीणों ने पुस्तक वाचन को त्यौहार के रूप में मनाया। लगभग सभी महिलाएं 5 से 10 पुस्तक धारा प्रवाह के साथ पढ़ने का प्रयास किया। अपने बच्चों को भी घर में धारा प्रवाह के साथ पढ़ाने का संकल्प लिया। शिक्षिका साहू बच्चों के साथ महिलाओं को भी जागरूक कर रही है। शिक्षिका पुष्पलता साहू ने धारा प्रवाह पुस्तक पढ़ने वाले को गुलाल एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। जिसमें प्रथम स्थान पर खुलेश्वरी कुंजाम एवं द्वितीय स्थान पर सरिता कुंजाम रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमती दुलेश्वरी कुंजाम ने पुस्तक वाचन किया और कहा कि हम सभी यहां छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर पुस्तक वाचन को त्यौहार के रूप में मनाने आये हैं। यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती ट्विंकल कुंजाम ने भी वाचन किया और कहा कि मुझे पुस्तक पढ़ना अच्छा लगता है। शिक्षाविद श्रीमती हेमिन ठाकुर ने भी लगभग 10 पुस्तक पढ़कर सुनायी। मीना सलाम ने बंदर का इंसाफ पढ़कर खुश हो गयी तो पूर्णिमा सलाम ने मेरा घर। अलसो बाई ने नटखट चीकू, शिवा कुंजाम ने क्रिकेट, महेंद्र कुंजाम ने हवा, वेदिका ने पानी, जमुना ने सुंदरी, द्रोणा मुफ्त की कुल्फी, लीना सलाम ने देखो अम्मा, चैतन्य कुमार अनोखा घोंसला को पढ़कर खुश हो गया। इस तरह से शा.प्रा.शाला-बरहीपारा में शिक्षिका एवं बच्चों के साथ ग्रामीणों ने भी छत्तीसगढ़ रजत जयंती पर पुस्तक वाचन का त्यौहार धूमधाम से मनाया।

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