
बालोद। मंगलवार की रात को बालोद वासियों के लिए विशेष रहा। अवसर था गणेश विसर्जन और झांकी शोभायात्रा का। मनोरम झांकियों और विभिन्न मुद्राओं में गणेश की मूर्तियों ने सबको आकर्षित किया। इसे देखने के लिए बालोद शहर ही नहीं आसपास के 20 से 25 गांव के लोग भी जुटे हुए थे। देर रात तक आयोजन चलता रहा। हजारों के भीड़ बालोद शहर की सड़कों पर पैदल ही नजारे देखने के लिए घूमती रही आकर्षक झांकियां, रंगीन लाइटों की सजावट, स्टेज शो और विहंगम नजारों ने लोगों का दिल छू लिया। एक ओर जहां जश्न के साथ विसर्जन शोभायात्रा में लोग शामिल हो रहे थे तो दूसरी ओर जैसे-जैसे विसर्जन का वक्त नजदीक आ रहा था श्रद्धालुओं की आंखें नम भी हो रही थी। अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ लोगों ने बप्पा को विदाई दी बालोद शहर में 17 गणेश झांकियां निकाली गई थी, जिसमें कई आयोजकों ने अपनी मूर्तियों को विशेष तौर से सजाया गया था जय स्तंभ चौक के पास प्रतियोगिता मंच भी बनाया गया था।

जहां मौजूद अतिथियों द्वारा गुजरने वाले प्रत्येक झांकियों का अवलोकन किया जा रहा था तो वही जगह जगह पर श्रद्धालुओं के लिए पोहा व अन्य नाश्ता वितरण की व्यवस्था भी की गई थी गणेश जी को विभिन्न रूपों में दिखाते हुए मूर्तियां और झांकियां तैयार की गई थी जिनका भ्रमण नगर में कराया गया। निश्चित दूरी के साथ अपनी-अपने झांकियां और वाद्य यंत्रों के साथ समितियां गणेश विसर्जन शोभायात्रा में अपनी रौनकता बिखेरती नजर आई। पुराना बस स्टैंड के पास तो स्टेज शो, आकर्षक लाइटिंग ने सबको आगे बढ़ने से रोक रखा था। लोग इस तरह के भव्य आयोजन को देख काफी प्रसन्न हुए और आयोजक समिति की सराहना की गई। इधर पुलिस प्रशासन की तगड़ी व्यवस्था के बीच शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को नियंत्रित करना होता है और आसामाजिक तत्व पर निगरानी भी होती है। लगातार स्वयं एसपी योगेश कुमार पटेल, एएसपी मोनिका ठाकुर, एसडीओपी देवांश सिंह राठौर, बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा , यातायात प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पांडे सहित उनकी पूरी टीम व्यवस्था बनाने में रात भर तैनात रहे। पुलिस के जवान चल रहे झांकियों के साथ-साथ चलते रहे ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना हो तो तत्काल नियंत्रण किया जा सके। हालांकि इस भव्य आयोजन के बीच किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था ने बिना किसी रूकावट के आयोजन को संपन्न कराया।

शहर से ज्यादा गांव के लोग पहुंचे थे झांकियां देखने

देर रात तक चले इस आयोजन हजारों की भीड़ उमड़ी। बालोद शहर वासी सहित आसपास के कई गांव से ग्रामीण भी इस विसर्जन शोभा यात्रा को देखने के लिए पहुंचे। रंगीन लाइटों, धूमाल, पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ डीजे के शोर और गणपति के गानों से पूरा बालोद शहर गूंज उठा। भक्ति और जश्न में सारा शहर सराबोर नजर आया। गणपति अपने गांव चले, बप्पा मोरिया, मेरा ही जलवा जैसे ट्रेडिंग गानों में लोगों ने जमकर नृत्य किया। आकर्षक लाइटिंग, साज सजावट, स्टेज शो के साथ गणेश जी की झांकी निकाली गई। स्थिति यह थी कि शहर से ज्यादा गांव के लोग झांकियां देखने के लिए पहुंचे थे। शहर में यातायात बाधित न हो जिसे देखते हुए शहर के आउटर में ही पार्किंग व्यवस्था बनाई गई थी।


