सुशासन की सरकार में फिर हुआ भ्रष्टाचार ? बालोद के महिला बाल विकास विभाग में संविदा भर्ती में गड़बड़ी का आरोप



पहले नियम विरुद्ध बनाया एक चहेते व्यक्ति को पात्र फिर पकड़े जाने के डर से किया सूची में सुधार

सबूतों के साथ हुई जनदर्शन में शिकायत, एक हफ्ते का अल्टीमेटम, हिंद सेना ने दी आंदोलन की चेतावनी

बालोद– महिला एवं बाल विकास विभाग जिला बालोद में संविदा भर्ती व लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के विरोध में एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिए जाने व एक दिवसीय प्रतिकात्मक प्रदर्शन हेतु हिंद सेना और अन्य संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है। एक अभ्यर्थी राकेश जोशी को साथ लेकर तरुण नाथ योगी हिन्द सेना प्रदेश मुख्य संयोजक और दिग्विजय सिंह छत्री माँ कामधेनु सेवा दल जिला अध्यक्ष बालोद मंगलवार को जनदर्शन में सबूत सहित मामले की शिकायत करने पहुंचे थे। शिकायती आवेदन में बिंदुवार विभाग में चल रही गड़बड़ी को उजागर किया गया है जिसमें आरोप है कि बालोद जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग में चाहे संविदा भर्ती हो या लगातार हो रहे पोषण आहार व प्रशिक्षण समारोह में राशि का दुरुपयोग व भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

इस तरह के भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप लगाए गए

  1. विगत पिछले वर्ष 2024 में चाहे मिशन वात्सल्य योजना के बाल संरक्षण इकाई में रिक्त 08 पदों तथा चाइल्ड हेल्प के रिक्त 08 पदों पर छ.ग. शासन के भर्ती नियमावली को दरकिनार कर अपनी मर्जी से अपने चहेतों को नौकरी लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उदाहरण स्वरुप विभाग के ही संविदा कर्मचारी योगेश कुमार ऑपरेटर के पद पर नियुक्त है जिसे पूर्व में परामर्शदात्रा उच्च पद पर विभाग द्वारा पात्र किया गया। विभाग को अभ्यर्थी के माध्यम से जानकारी होने के डर से अपात्र कर दिया गया व अपनी सूची में सुधार किया। जो कि विभाग में चल रहे घोर भ्रष्टाचार को दर्शाता है। कलेक्टर के नाम से दिए शिकायत पत्र में पूर्व में पात्र किए गए कापी को भी संलग्न किया गया है।
  2. वांछित योग्यता को महत्व नहीं दिया जा रहा है।
  3. छ.ग. शासन के नियमानुसार अनिवार्य अनुभव प्रमाण पत्र में स्पष्ट रुप से महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में कार्य करने वाले शासकीय या अशासकीय (एनजीओ) या लॉ के क्षेत्र में कार्य अनुभव को मान्य कर उसे अनुभव अंक प्रदान किया जाना है,पर ऐसा नहीं किया जा रहा।
  4. इसमें केवल अपने मनमर्जी से सरकारी विभाग बस में कार्य करने के अनुभव को मान्य कर रहे हैं जो नियम के विरुद्ध है।
  5. 2024 में रिक्त पद पर आवेदन आमंत्रित किया गया जिस पर जिला प्रशासन के सर्वे के आधार पर ही अस्थायी संविदा पद पर भर्ती निकाला गया जिसे छ.ग. शासन के विरुद्ध जिला प्रशासन सेवा समाप्त किये हुए व अधिक उम्र के व्यक्ति का सेवा बढ़ाया गया जो कि अनुचित है। इससे कई अभ्यर्थियों को आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है।
  6. अस्थायी संविदा कर्मचारी पद पर आसीन होकर स्वयंभू बन बैठे हैं जैसे उस पद पर छ.ग. शासन भर्ती न ला सके।

दिए हैं आंदोलन की चेतावनी

उपरोक्त विषयों पर अगर तत्काल कार्यवाही नहीं होता तो सैकड़ों बेरोजगार अभ्यर्थी हिन्द सेना के बैनर तले एक हफ्ते का अल्टीमेटम देकर महिला एवं बाल विकास विभाग के भ्रष्टाचार के विरोध में प्रतिकात्मक विरोध प्रदर्शन करेंगे।आवेदकों ने समस्याओ व जनहित मुद्दे को ध्यान में रखते हुए दोषी अधिकारियों व कर्मचारियो के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही व सेवा समाप्ती या निलंबिति करने की मांग की है।

सबूत के तौर पर ये दस्तावेज दिए गए

विभाग के ही ऑपरेटर योगेश कुमार को पात्र किया गया, वर्तमान में सुधाकर अपात्र किया गया जिसकी कापी , भर्ती प्रक्रिया की शैक्षणिक योग्यता वांछित योग्यता व अनुभव संबंधित नियमावली की कॉपी सबूत के तौर पर दिए गए हैं।

नहीं हुई दोषियों पर कार्रवाई तो सिर मुंडवा कर करेंगे विरोध प्रदर्शन : तरुण नाथ योगी

इधर मामले में हिंद सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी ने कहा कि हमने सबूत के साथ विभाग में हो रही संविदा भर्ती में गड़बड़ी को उजागर किया है। अगर इसके बावजूद एक हफ्ते के भीतर संबंधित विभाग के दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो हम सभी शिकायतकर्ता सर मुंडवाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। संविदा भर्ती में कई तरह से गड़बड़ी की गई है। 16 पद के लिए आवेदन लिया गया था और सिर्फ 15 पद का भर्ती लिया जा रहा है। चहेतों को उपकृत करने का खेल महिला बाल विकास विभाग में चल रहा है। जिसका हम विरोध कर रहे हैं । सर का मुंडन करवाना भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध ही है। इस तरह हम प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर सरकार और विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

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