शासकीय आईटीआई बालोद के स्टेनो के छात्राओं ने लगाया जानबूझकर फेल करने का आरोप



बालोद-शासकीय आईटीआई बालोद में अजीबोगरी मामला सामने आया है। यहां पर पढ़ने वाले स्टेनो के छात्रों के 2 साल से पढ़ने के लिए ना तो टीचर है, ना तो कोई ध्यान दे रहा है। बच्चे स्वयं विवेक से अध्ययन कर रहे हैं। उसके बावजूद प्रायोगिक परीक्षा में 17 में से 16 बच्चों को फेल कर दिया गया है जबकि सैद्धांतिक विषय पर सभी बच्चे पास हैं। शासकीय आईटीआई में चेक होने वाले प्रायोगिक परीक्षा पर 17 में से 16 बच्चों को फेल कर दिया गया है। छात्रों का आरोप है कि एक ही बच्चा पास हुआ है जो कि कल्पना साहू के पास कोचिंग जाता है। बाकी बच्चे को फेल कर दिया गया है क्योंकि वे लोग कोचिंग नहीं जाते हैं और यह भी आरोप लगा है की प्रिंसिपल, कल्पना साहू के पास कोचिंग जाने को बोलते है, जो कल्पना साहू पास कोचिंग करते हैं वही बच्चे बस पास हुए हैं और कुछ शिकायत कल्पना साहू के खिलाफ आई है। समस्या को लेकर शासकीय आईटीआई बालोद के छात्र युवा नेता देवेंद्र कुमार साहू के नेतृत्व में गजेंद्र ढीमर, राजू साहू, दिलेश्वर देशमुख और वर्षा निषाद ,यामिनी नेताम ,भेनुबाला, टिकेशवरी ठाकुर आदि ITI के बच्चों ने कलेक्टर से मिलने पहुंचे और अपनी समस्याओं का अवगत कराया। साथ ही टीचर की मांग भी किया। अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि जल्द कार्रवाई होगी और जांच कर उचित कार्रवाई किया जाएगा एवं टीचर की जल्द भर्ती की जाएगी।

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