DAILY BALOD NEWS

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एक्सक्लूसिव: बालोद से प्रेरित होकर नागपुर जिले की वलनी गांव में भी हो रहा महिला कमांडो का गठन, आसपास 10 गांव में भी होगा विस्तार

प्रशिक्षण देने के लिए 6 से 11 सितंबर तक महाराष्ट्र प्रवास पर हैं पद्मश्री शमशाद बेगम

बालोद। बालोद जिले की महिला कमांडो के लिए यह गर्व भरा क्षण है कि यहां की कमांडो से प्रेरित होकर अब विदर्भ क्षेत्र, नागपुर जिले, महाराष्ट्र में भी महिला कमांडो के गठन की शुरुआत हो गई है। नागपुर जिला परिषद के अंतर्गत सावनेर पंचायत समिति (जनपद पंचायत) के तहत आने वाले ग्राम पंचायत वलनी में महिला कमांडो का गठन कर दिया गया है। साथ ही पड़ोसी गांव खंडाला में भी इसकी शुरुआत हो गई है। यह पहल वहां के समाज सेवी योगेश अनेजा और केशव डभारें के द्वारा की जा रही है। जिन्होंने बालोद जिले के महिला कमांडो के कार्यों से प्रभावित होकर इसकी शुरुआत की है। योगेश अनेजा द्वारा बीते दिनों यूट्यूब में महिला कमांडो बालोद की गतिविधियों को देखा गया था। जिससे वे काफी प्रभावित हुए और उन्होंने पद्मश्री शमशाद बेगम से इस बारे में जानकारी लेने के लिए संपर्क किया और अपनी राय रखी कि वे अपने गांव और नागपुर विदर्भ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य गांव में इसकी शुरुआत करना चाहते हैं, इसमें आपका सहयोग चाहिए। पद्मश्री शमशाद बेगम ने उनके अपेक्षा को सहर्ष स्वीकार किया और 6 से 11 सितंबर तक नागपुर प्रवास पर पहुंची हुई है।

जहां उनके द्वारा वलनी ग्राम पंचायत में और आसपास की पंचायत की महिलाओं को इकट्ठा कर उन्हें महिला कमांडो की गतिविधियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किस तरह से बालोद जिले में महिला कमांडो की शुरुआत हुई और कैसे वे आज काम करते हुए किस मुकाम पर पहुंची है इस बात को उन्हें बताया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं महिला कमांडो बनकर समाज सेवा के क्षेत्र में आगे आ सके। इस मुहिम से जुड़ने काफी दिलचस्पी लेते हुए उत्सुकता और उत्साह के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं शाम हो या रात को प्रशिक्षण में इकट्ठा हो रही है। महिला कमांडो की इन गतिविधियों को जानने के लिए नागपुर जिले के पुरुष तक भी दिलचस्पी लेने लगे हैं। हो रहे प्रशिक्षण और बैठकों में महिलाओं के साथ पुरुष भी भागीदार बन रहे हैं। क्योंकि समाज का सुधार दोनों मिलकर ही संभव हो सकता है। योगेश अनेजा ने बताया कि वलनी, विदर्भ क्षेत्र सहित आसपास के 10 गांव में महिला कमांडो गठन शुरु हो गया है। बारी-बारी से अलग-अलग गांव में जाकर पद्मश्री शमशाद बेगम के साथ महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि धीरे-धीरे नागपुर जिले के अंतर्गत आने वाले विदर्भ क्षेत्र के सभी गांव में महिला कमांडो का गठन हो और एक महिलाओं की एक विशेष पहचान कायम हो। महिलाओं को नेतृत्व करने, उनमें अभिव्यक्ति कौशल का विकास करने के साथ-साथ ही समाज के सुधार में उनकी अहम भूमिका निभाने में उन्हें महिला कमांडो बनाकर उन्हें प्रोत्साहित और बढ़ावा दिया जा सकता है। योगेश अनेजा ने बताया कि अभी वलनी में 50 और खंडाला में 40 महिला कमांडो का गठन करने प्रशिक्षित किया गया है।

प्रशिक्षण में बता रही: नहीं मिलता कोई पैसा सिर्फ सेवा भाव से जुड़ना है

पद्मश्री शमशाद बेगम द्वारा महिला कमांडो बनने जा रही है महिलाओं को इस बात से गंभीरता से अवगत कराया जा रहा है कि महिला कमांडो में सिर्फ सेवा कार्य के लिए जुड़ना चाहिए। सेवा भाव से हम इसमें काम करते हैं। इसमें हमें कोई वेतन, यात्रा भत्ता या मानदेय आदि नहीं मिलता। ना हमें इसकी किसी तरह से अपेक्षा करनी चाहिए। निस्वार्थ भाव से समाज सुधार की दिशा में काम करते हुए हमें आगे बढ़ना है। पुलिस प्रशासन का कैसे सहयोग करना है, शासन की योजनाओं को कैसे जन-जन तक पहुंचाना है, विभिन्न जागरूकता अभियान में कैसे महिला कमांडो सहभागी बनती है, इन सब में महिला कमांडो की क्या भूमिका होती है, वह सब नागपुर जिले की महिला कमांडो को भी सिखाया और बताया जा रहा है।

स्वामी शंकर आनंद महाराज से की गई भेंट, श्री श्री रविशंकर से करवाएंगे मुलाकात

नागपुर, महाराष्ट्र प्रवास के दौरान रहेगांव कमलेश्वर में श्री श्री रविशंकर के आश्रम में जाकर स्वामी शंकर आनंद महाराज से भी पद्मश्री शमशाद बेगम ने भेंट की और उन्हें यहां आने का उद्देश्य बताते हुए अपना परिचय दिया। जिस पर स्वामी ने उनका शाल, श्रीफल से सम्मान किया। आगामी 10, 11 और 12 सितंबर, 3 दिनों तक श्री श्री रविशंकर जी का कमलेश्वर आश्रम नागपुर में रहने की जानकारी देते हुए उनसे मुलाकात करवाने की बात कही। ताकि महिला कमांडो के इस पुनीत कार्य में अपना भी योगदान दे सके। इस नागपुर महाराष्ट्र प्रवास के दौरान पद्मश्री शमशाद बेगम के साथ बोरी की महिला कमांडो भीमेश्वरी शांडिल्य भी गई हुई हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से प्रेरित होकर अब नागपुर महाराष्ट्र में भी महिला कमांडो संगठन की नींव पड़ चुकी है। समय-समय पर हर तीन से चार महीने के बीच नागपुर जाकर महिला कमांडो को प्रशिक्षित किया जाएगा।

बालोद आकर महिला कमांडो के कार्यों को प्रत्यक्ष समझने की भी अपील

प्रशिक्षण के दौरान पद्मश्री शमशाद बेगम ने महाराष्ट्र की महिलाओं को बालोद जिला भ्रमण के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आप स्वयं हमारे कार्यों को बालोद जाकर प्रत्यक्ष देख सकते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे महिला कमांडो को पुलिस का समर्थन मिलता है। किसी भी तरह के आयोजनों, घटनाओं आदि में महिला कमांडो की सेवा ली जाती है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर महिला कमांडो कार्य करती हैं, उन्हें देखकर कहीं ऐसा लगता नहीं कि महिला कमांडो उनसे परे हैं। एक अंग की तरह महिला कमांडो अपने कत्था रंग की साड़ी, टोपी पहने, लाठी और सीटी लेकर ड्यूटी करते नजर आते हैं। बालोद जिले के कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा और एसपी योगेश कुमार पटेल लगातार महिला कमांडो को प्रोत्साहित करते रहते हैं और उनके दिशा निर्देशन में विभिन्न आयोजनों सहित जागरूकता अभियानों में महिला कमांडो अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन करते हैं। उनके इस दायित्व निर्वहन और निस्वार्थ सेवा के लिए समय-समय पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा महिला कमांडो को सम्मानित भी किया जाता है।

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