हर आयोजन में होती है पालकों की भागीदारी, जागरूकता और सजकता के लिए होते हैं यहां विविध कार्यक्रम
डीबी डिजिटल मीडिया डौंडीलोहारा। शिक्षक दिवस पर हम डौंडीलोहारा ब्लॉक के मड़ियाकट्टा मिडिल स्कूल के राज्यपाल पुरस्कृत प्रधानपाठक दयालु राम पिकेश्वर के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें उनके कार्यों के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इन सब सम्मानों के पीछे उन्होंने काफी मेहनत भी की है। उनके कार्य से मड़ियाकट्टा वासी भली-भांति परिचित हैं। उनके द्वारा स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ हर आयोजन में बच्चों के पालकों को भी जोड़ने का अनूठा प्रयास किया जाता है। स्कूल में कोई भी आयोजन होता है तो उसमें 100% बच्चों के पालकों की उपस्थिति भी दिखती है। बालक पालक सम्मेलन में भी बढ़-चढ़कर लोग हिस्सा लेते हैं। अपने बच्चों की पढ़ाई का स्तर जांचने सहित अन्य गतिविधियों में पालक शामिल होकर संतुष्टि जताते हैं। मड़ियाकट्टा मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक श्री पिकेश्वर शासन की योजनाओं सहित विभिन्न अवसरों पर बच्चों और पालक दोनों को जागरुक करते हुए आयोजन करते हैं। पुस्तकीय ज्ञान के अलावा चित्रकला, गीत संगीत, विभिन्न दिवस सहित विविध विधाओं में बच्चों को पारंगत करते हुए यहां पढ़ाई कराई जाती है। वनांचल के लोगों में शिक्षा के प्रति लगाव बढ़ाने, बच्चों को नियमित स्कूल भेजने सहित स्कूल से समुदाय को जोड़ने का विशेष प्रयास मड़ियाकट्टा में प्रधानपाठक श्री पिकेश्वर की ओर से देखने को मिलता है।
2021 में मिला है राज्यपाल से पुरस्कार

प्रधानपाठक दयालु राम पिकेश्वर को राज्यपाल पुरस्कार 2021 में मिल चुका है। यह पुरस्कार मिलना भी आसान नहीं था। उन्हे इस मंजिल तक जाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। वर्षों से गांव के विकास और स्कूल को संवारने के लिए उन्होंने काम किया। आज भी उनका यह काम निरंतर जारी है ।अलग-अलग अभियानों से वनांचल में बसे छोटे से गांव मडियाकट्टा को पूरे जिले और छत्तीसगढ़ में एक अलग नाम दिलाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी के चलते यहां का शिक्षा स्तर भी बेहतर रहता है। वही अलग-अलग अभियानों से जन जागरूकता फैलाने का काम भी राज्यपाल पुरस्कृत प्रधानपाठक दयालु राम पिकेश्वर कर रहे हैं।
मिल चुका स्वच्छ विद्यालय का सम्मान
जंगल से घिरे इस स्कूल में 2021 में उन्होंने स्मार्ट क्लास भी प्रारंभ किया। तो उनके स्कूल को 2022 में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार भी मिल चुका है। शासन के प्रत्येक निर्देशन और योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से होता है। बच्चों के साथ-साथ स्कूल में पालकों को भी जोड़ते हैं। स्कूल में कोई भी आयोजन होता है तो खासतौर से महिला अभिभावकों की मौजूदगी यहां सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। जो बताती है कि वनांचल क्षेत्र होने के बावजूद शिक्षा के प्रति किस तरह से अभिभावक जागरुक है। गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए बच्चों के जरिए पालकों तक शिक्षा पहुंचाने का एक विशेष काम भी वे करते हैं।
अपनी शैक्षणिक योग्यताओं के बलबूते बच्चों में भी ला रहे निखार

प्रधानपाठक श्री पिकेश्वर की एमए राजनीति विज्ञान , डीएड शैक्षणिक योग्यता है। इसके अलावा कठपुतली प्रशिक्षण (सांस्कृतिक स्रोत प्रशिक्षण केन्द्र नई दिल्ली), फाउण्डेशन कोर्स प्रयास विद्यालय भिलाई, शिक्षकों का विशेष उन्मुखीकरण सेवाकालिन प्रशिक्षण, उच्च प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल रेडीनेनेश जनशाला प्रशिक्षण,एस. एस. प्रशिक्षण (एस. सी. आर. टी. रायपुर), आवश्यकता आधारित 20 दिवसीय प्रशिक्षण सीखना सिखाना पैकेज प्रशिक्षण, शिक्षक समाख्या प्रशिक्षण, स्वास्थ्य प्रशिक्षण, सामुदायिक सहभागिता प्रशिक्षण,ए.एल.एम. प्रशिक्षण. सी. ए. सी. प्रशिक्षण, एम. जी. एम. एल. प्रशिक्षण प्राप्त किए हैं। अपनी इस योग्यता के चलते वे बच्चों का सर्वांगीण विकास करने का प्रयास करते हैं।
2017 में अपने विद्यालय को बना चुके बस्ता मुक्त
राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक दयालु राम द्वारा मड़ियाकट्टा मिडिल स्कूल को 2017 में ही बस्ता मुक्त विद्यालय बना चुके हैं। जिसका लोकार्पण तत्कालीन कलेक्टर राजेश सिंह राणा एवं तत्कालीन जी.आर.राना अध्यक्ष अनुसूचित जन आयोग के मुख्य अतिथ्य में संपन्न हुआ था। सामाजिक कार्य में अखिल भारतीय हल्बा हल्बी आदिवासी समाज महासभा बालोद प्रचार मंत्री, सर्व आदिवासी समाज डौंडी लोहारा तहसील उपाध्यक्ष है। भारत स्काउट गाइड जिला बालोद के उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत है।
ये प्रमुख सम्मान मिल चुके हैं श्री पिकेश्वर को
राज्यपाल पुरस्कार 2021, ज्ञानदीप पुरस्कार 2019, श्रेष्ठ प्रधानपाठक पुरस्कार 2019, स्वच्छता पुरस्कार 2017, छ.ग. साक्षर सैनिक सम्मान म. प्र., भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर गौरव सम्मान, शिक्षक सम्मान, शिक्षक रत्न आवर्ड ज्योतिबा फुले आइडल शिक्षक सम्मान, नेशनल शिक्षक अवार्ड, राष्ट्रीय गौरव शिक्षक सम्मान शिकसा विशिष्ट सेवा सम्मान, कोरोना वारियर्स सम्मान एवं सामाजिक संगठन अन्य संगठन से कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।
