डीबी डिजिटल मीडिया बालोद। नेमसिंह साहू, व्याख्याता (रसायन) स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद में पदस्थ हैं। वे शिक्षकीय जीवन में अपने निष्ठा कर्तव्य परायणता और सेवा भाव के लिए जाने जाते हैं। जहां भी पदस्थ रहे उन्होंने अपने काम, नवाचार, शिक्षण कला और अन्य गतिविधियों से अमिट छाप छोड़ी है। ज्ञात हो कि अपने 16 वर्षों के अध्यापन काल में उन्होंने निरंतर विद्यार्थियों की शिक्षा में नवाचार का अभूतपूर्व प्रयोग करते हुए उनके ज्ञान कौशल को बढ़ाने हेतु मार्ग प्रशस्त किया है। कोरोना जैसे भीषण महामारी के दौर में भी ऑनलाइन व वर्चुअल पद्धति से शिक्षा के माध्यम से छात्रों से हमेशा जुड़े रहे है। स्काउटिंग गाइडिंग से भी छात्रों को जोड़ा और उनका सफल मार्गदर्शन किया। स्काउट के क्षेत्र में 10 विद्यार्थियों को राज्यपाल पुरस्कार से अलंकृत करवाने में उनकी महती भूमिका रही है। विभिन्न ऑनलाइन व ऑफ़लाइन प्रतियोगिता व सेवा कार्यक्रमों से जुड़कर सफलता हासिल की, साथ ही इंस्पायर अवार्ड में छात्रों को निरंतर नामित किया तथा संभाग स्तर तक ले जाने में सफल हुए। प्रयोगशाला, स्काउट, ऊर्जा क्लब, विज्ञान क्लब, इको क्लब, छात्र परिषद् आदि के प्रभारी के दायित्व का भलीभांति निर्वहन किया तथा शाला में समय समय पर संचालित होने वाले विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका रही है, विज्ञान मॉडल निर्माण सहित अन्य संस्थागत कार्यों में पूर्ण सहयोग कर अपने कर्तव्य का भलीभांति निर्वहन किया है। शाला में शिक्षक की कमी को देखते हुए उनके द्वारा स्वयं का रसायन विषय होने के बाद भी 10 वी के विषय हिन्दी का भी अध्यापन कार्य किया जाता है। शाला व पद के दायित्वों के प्रति भी उनकी निष्ठा अनुकरणीय है। वे निष्ठावान, कार्य के प्रति सक्रिय सहभागिता निभाते है। स्कूल के प्राचार्य भी उनकी शिक्षक के रूप में उनकी निष्ठा, कर्तव्य परायणता व सेवाआव की सराहना करते हैं।
स्काउट गाइडिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मंत्री ने किया था सम्मानित

स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ ही स्काउट गाइड की गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं। उनके इन कार्यों के चलते उन्हें स्काउट गाइड के क्षेत्र में कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। हाल ही में स्वतंत्रता दिवस समारोह 2025 का आयोजन सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम बालोद में किया गया था। इस समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री केदार कश्यप ने नेमसिंह साहू को अध्यापन कार्य के साथ साथ अतिरिक्त कार्य के रूप में स्काउट गाइड के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट /उल्लेखनीय कार्य करने पर ससम्मान प्रशस्ति पत्र प्रदान किया था। ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष इनके मार्गदर्शन में स्काउट गाइड के बच्चे राज्यपाल प्रमाण पत्र पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रमाण पत्र के कारण बच्चों को 10 वी और 12 वी की बोर्ड परीक्षा में 10 अंक अतिरिक्त बोनस के रूप में प्राप्त होते हैं। इसके अलावा उनके द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता सुधार, समाज के प्रति सकारात्मक योगदान, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र कार्य, शैक्षिक नवाचार आदि विशेष कार्य किए जा रहे हैं।
मिल चुके पहले भी अवार्ड
एनटीसीएफ द्वारा शिक्षक गौरव अलंकरण सम्मान के रूप में बेस्ट स्काउट गाइड टीचर का अवार्ड प्राप्त हुआ है इसके अलावा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद के व्याख्याता नेमसिंह साहू को शिक्षा के साथ साथ विभिन्न पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप द्वारा बच्चों को जोड़े रखने में महती भूमिका निभाने के कारण बेस्ट एक्टिविटी टीचर से सम्मानित किया गया है। स्काउटिंग में वर्षों से कार्यरत होने के कारण उन्हें बालोद जिले का जिला संगठन आयुक्त भी बनाया गया है। अब उन्हे अगले साल शिक्षक दिवस पर राज्यपाल पुरस्कार मिलने वाला है।
नेमसिंह साहू: पहले और अब

नेमसिंह साहू मूल रूप से बालोद जिले के ही निवासी हैं और विगत कई वर्षों से हर एक स्काउटिंग गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इन्होंने अपनी स्काउटिंग सफर की शुरुआत शास. उच्च.माध्यमिक विद्यालय बड़गांव से कक्षा छठवीं से प्रारंभ की थी। शुरू से ही स्काउटिंग में रुचि होने के कारण स्काउटिंग हर एक सेवा कार्य के साथ अन्य सामाजिक सेवा कार्य में भी अपनी सहभागिता निभाते रहे हैं। सन 2008 में सुकमा जिले से शिक्षकीय जीवन प्रारंभ करने के पश्चात भी छात्रहित में स्काउटिंग से जुड़कर एक यूनिट लीडर के रूप में बच्चों को अध्यापन के साथ साथ उनके सर्वांगीण विकास हेतु स्काउटिंग के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाने का कार्य किया हैं। इनके स्काउटिंग में सक्रियता को देखते हुए इन्हें पूर्व में सुकमा जिले का जिला संगठन आयुक्त (स्काउट)भी नियुक्त किया गया था। इस पद पर रहते हुए इन्होने, नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा जिले को स्काउटिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहां के बच्चों को विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तर के विभिन्न शिविरों में शामिल कराने का कार्य किया । साथ ही साथ तीनों राज्य स्तरीय जंबूरी में भी सहभागिता दिलाई थी। सुकमा जिले से बालोद जिले में स्थानांतरण पश्चात इनके कार्यों को देखते हुए इन्हें विकासखंड डौंडी का सचिव भी नियुक्त किया गया था । इस पद पर भी रहते हुए इन्होने विकासखंड डौंडी को भी एक नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने का कार्य किया। अपने संस्था में यूनिट लीडर की भूमिका में अनेक बच्चों को रोवर का राज्य पुरस्कार अर्जित कराया है।स्काउटिंग के प्रति सक्रियता और इनके पूर्व अनुभव को देखते हुए इन्हें जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है।
