डौंडीलोहारा। शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को सफल बनाने जनपद पंचायत डौंडीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज देव लगातार विकास खंड के ग्राम पंचायतों का दौरा कर रहे। इस दौरान आवास हितग्राहियों से रूबरू होकर अप्रारंभ आवास को प्रारंभ करने में क्या दिक्कत हो रही है? छत स्तर पर पहुंचने के बाद कार्य क्यों रुका हुआ है? छत की ढलाई होने के बाद एक महीने बाद प्लास्टर कार्य रुका हुआ है, जिसका कारण जानने स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज देव फील्ड विजिट करते नजर आ रहे हैं। सीईओ की धुआंधार दौरा को देखकर संबंधित अधिकारी कर्मचारियों में हड़कम मचा हुआ है। अब कार्य योजना बनाकर सप्ताह में एक दिन नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली जा रही है। जिससे प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना निर्माण कार्य की गति रफ्तार पकड़ ली है। सीईओ पंकज देव ने संबंधित नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन गूगल शीट अपडेट करने निर्देशित किया है ।जिससे अब मैदानी अमला हितग्राहियों की समस्या पूछकर उनका समाधान करने में जुट गए हैं।

सीईओ पंकज देव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि तकनीकि सहायक निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। आवास निर्माण में संलग्न राज मिस्त्री को तकनीकी मार्गदर्शन देते रहें। रोजगार सहायक आवास निर्माण की प्रगति रुकने पर या हितग्राहियों के द्वारा समस्या बताने पर सीधे हितग्राहियों से मेरी बात कराएं। आपके स्तर पर यदि समस्या का हल निकल सकता है तो उन्हे सहयोग करें। हर व्यक्ति चाहता है कि मेरा भी पक्का मकान बने, बारिश की वजह से खपरैल वाली मकान में पानी टपकने की समस्या से निजात पाने हर व्यक्ति बेताब है । बस उन्हे सहयोग की आवश्यकता है। हमारा मैदानी अमला व्यक्तिगत रूप से रुचि ले तो आवास पूर्ण करने में सफलता हासिल होने से कोई नहीं रोक सकता है। इसी तारतम्य में ग्राम खोलझर,किल्लेकोडा,बगईकोहा, रेंगाडबरी मंगचुवा , कर्रेगांव, करतूटोला, तुरमूडा, अरजपुरी, खैरकट्टा फुलसुंदरी पीनकापार, मुजगहन, चेंद्रीबन नवागांव, जेवरतला सहित सुदूर वनांचल ग्रामों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने हितग्राहियों के घर घर जाकर निर्माण कार्य को देखा व हितग्राहियों से चर्चा कर ग्राम पंचायत में समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक टिप्स दिया। अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करने या कोताही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों के ऊपर नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही।
हितग्राहियों को जानकारी के अभाव में कार्यालय का चक्कर लगाना न पड़े
आवास स्वीकृति के पश्चात प्रथम किस्त की राशि हितग्राही के खाता में जमा होते ही हितग्राहियों को उचित माध्यम से सूचना दें। तीन स्तर पर जियो टैग कर क्रमशः 40 हजार, 55 हजार, व 25 हजार रुपए हितग्राहियों के खाते में अंतरित कर उन्हें हर हाल में सूचना दें। उक्त दौरा कार्यक्रम में आवास तकनीकी सहायक उमेश कुमार नायक, ग्राम पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
