डौंडीलोहारा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संजारी में ईको क्लब के द्वारा स्वस्थ जीवन शैली विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन इको क्लब प्रभारी डोंगरमल रामटेके ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य पद्मा ने किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अर्पणा वर्मा, आलोक विश्वकर्मा, शिवेन्द्र बहादुर साहू और सुधीर कुमार यादव थे । कार्यक्रम निर्देशक डोंगरमल रामटेके के मार्गदर्शन में मोक्ष लक्ष्मी इंदौरिया, महेंद्र साहू, आदि द्वारा पोस्टर प्रर्दशन किया गया। शाला नायक गिरिजा खरे तथा उप शालानायक पूजा इंदौरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वस्थ जीवन शैली के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता अर्पणा वर्मा ने कहा कि फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें।

लंबे समय तक बैठे रहने से बचें और सक्रिय रहने की कोशिश करें। समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आलोक विश्वकर्मा ने कहा कि फोन के अत्यधिक उपयोग से लोग शारीरिक गतिविधियों से दूर हो जाते हैं, जिससे मोटापा बढ़ सकता है। सोशल मीडिया की लत एक प्रकार का व्यवहार संबंधी विकार है जहाँ व्यक्ति का सोशल मीडिया (जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, टिकटॉक) के प्रति एक अनियंत्रित और अस्वास्थ्यकर झुकाव होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसकी लत के कारण व्यक्ति अपने जीवन की महत्वपूर्ण गतिविधियों, जैसे काम, पढ़ाई और वास्तविक रिश्तों को नज़रअंदाज़ करने लगता है और अनियंत्रित रूप से ऐप्स को स्क्रॉल करता रहता है। इस लत से चिंता, अवसाद और सामाजिक अलगाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। फोन देखते समय गर्दन को गलत स्थिति में रखने से सिरदर्द और “टेक्स्ट नेक” जैसी समस्याएँ हो सकती हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर पड़ता है। लगातार मोबाइल चलाने से आंखों पर दबाव पड़ता है, जिससे सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता शिवेन्द्र बहादुर ने कहा कि आयुर्वेद में ऋतुचर्या का अर्थ है “ऋतु के अनुसार नियम”. यह मौसमी परिवर्तन के अनुसार शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए अपनाई जाने वाली जीवनशैली और आहार से संबंधित एक प्रणाली है. ऋतुचर्या का पालन करके व्यक्ति मौसमी बीमारियों से बच सकता है, त्रिदोषों (वात, पित्त, कफ) को संतुलित कर सकता है, और शारीरिक व मानसिक क्षमता बढ़ा सकता है। ऋतुओं के अनुसार संतुलित आहार में मौसम के अनुसार फल, सब्जियां और अनाज शामिल करने चाहिए। विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना चाहिए, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए, पर्याप्त नींद लेनी चाहिए, और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। तनाव प्रबंधन के लिए दोस्तों और परिवार से जुड़ना चाहिए और स्क्रीन टाइम सीमित करना चाहिए। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना और हानिकारक आदतों से बचना भी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम को मुख्य वक्ता सुधीर कुमार यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन शैली उन आदतों और व्यवहारों का समूह है जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने से आप अपने काम पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं और सक्रिय जीवन जी पाते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम निर्देशक डोंगरमल रामटेके ने कहा कि किसी व्यक्ति का आदर्श वजन उसकी ऊंचाई और उम्र पर निर्भर करता है। खानपान और स्वास्थ्य का गहरा संबंध है; स्वस्थ भोजन शरीर को बीमारियों से बचाता है और ऊर्जा प्रदान करता है, जबकि अस्वास्थ्यकर भोजन मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन प्रभारी प्राचार्य पद्मा कोठारी ने किया और उन्होने सफल आयोजन हेतु इको क्लब प्रभारी डोंगरमल रामटेके व वक्तागणों अर्पणा वर्मा, आलोक विश्वकर्मा, शिवेन्द्र बहादुर साहू और सुधीर कुमार यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होने प्रतिभागी छात्र छात्राओं की भी तारीफ की। इस अवसर पर संस्था के शिक्षक शिक्षिकाएं बबीता दीवान, किरण शिवाने, मीनाक्षी आर्य, उर्मिला नायक, नन्दिनी जोशी, लालिमा रात्रे, धर्मिता देहारी, गिरिजा बाई भुआर्य, सगीता सुधाकर तथा गुलाब इंदौरिया उपस्थित थे।
