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बालोद जिले के यशवंत कुमार टंडन को मिला नेशनल सोशल आइकॉन अवॉर्ड 2025

राज्यमंत्री व सांसद राजस्थान के हाथों प्राप्त हुआ सम्मान, देशभर से चुने गए मात्र 15 समाजसेवियों में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन

अर्जुन्दा। समाजसेवा और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में निरंतर योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के अन्तर्गत अर्जुन्दा ब्लाक के ग्राम डुड़िया युवा समाजसेवी यशवंत कुमार टंडन पिता श्री हूबलाल टंडन को देश के प्रतिष्ठित नेशनल सोशल आइकॉन अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देशभर के केवल 15 चुनिंदा समाजसेवियों को दिया जाता है। यशवंत कुमार टंडन ने अपने अथक प्रयासों से न केवल छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा स्तंभ भी बने। यह भव्य समारोह यूथ सोशलग्राम फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को एस.एस. जैन सुबोध पीजी कॉलेज, जयपुर में आयोजित हुआ। समारोह में डॉ. अरुण चतुर्वेदी (राज्यमंत्री, वित्त आयोग, राजस्थान सरकार) और श्रीमती मंजू शर्मा (सांसद, जयपुर) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रेनू जोशी ने भी मंच साझा करते हुए विजेताओं का उत्साहवर्धन किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों को बल्कि पूरे समाज को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।

समारोह का संचालन यूथ सोशलग्राम फाउंडेशन के संस्थापक योगेश चौधरी और सह-संस्थापक अमित भारद्वाज ओर कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. विशाल गौतम ने किया। संस्थापक ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हमारा उद्देश्य युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि वे परिवर्तन के वाहक बन सकें। चार वर्षों में यह संगठन देशभर में हजारों युवाओं तक पहुँचा है और अब यह एक राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बन चुका है। नेशनल सोशल आइकॉन अवॉर्ड हर वर्ष उन समाजसेवियों को दिया जाता है जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, युवा नेतृत्व और सामाजिक नवाचार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। यह अवॉर्ड केवल 15 लोगों को ही प्रदान किया जाता है, जो इसकी प्रतिष्ठा और विशिष्टता को दर्शाता है। सम्मान प्राप्त कर भावुक यशवंत कुमार टंडन ने कहा यह अवॉर्ड सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और वहाँ के हर युवा का है। मैं मानता हूँ कि बदलाव लाने के लिए किसी बड़े पद या संसाधन की नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और समर्पण की आवश्यकता होती है। यह सम्मान मुझे और अधिक निष्ठा से समाजसेवा करने की प्रेरणा देगा। समारोह में उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। यशवंत कुमार टंडन की इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के सामाजिक संगठनों और युवाओं में खुशी की लहर है। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य की बढ़ती सामाजिक चेतना और सक्रिय युवाओं की पहचान भी है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि डॉ. अरुण चतुर्वेदी और सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि ऐसे पुरस्कार युवा पीढ़ी को समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। यशवंत कुमार टंडन जैसे युवाओं का प्रयास भारत को सशक्त और जागरूक समाज की ओर ले जा रहा है।

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