जिला अस्पताल बालोद में चार पीजी डॉक्टरों की नियुक्ति पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति जताया आभार



बालोद। जिला अस्पताल बालोद में लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई थी, जिससे आमजन को इलाज के लिए अन्य जिलों में भटकना पड़ रहा था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं चेयरमेन इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी रायपुर श्री तोमन साहू द्वारा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को बालोद आगमन पर मांग पत्र सौंपा गया था। मांग पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने जिला अस्पताल बालोद हेतु चार पीजी डॉक्टरों की बॉन्ड पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। नियुक्त किए गए डॉक्टर इस प्रकार हैं , डॉ. मधु (MS Ophthalmologist), डॉ. अविनाश कुमार मंडावी (MD Anesthesia),डॉ. निरंजन बेहेरा (MS ENT), डॉ. शरथ बाबू वी.एस. (MD General Medicine)
।इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से जिला अस्पताल बालोद में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि होगी और मरीजों को अब धमतरी, दुर्ग या रायपुर रेफर होने की आवश्यकता कम पड़ेगी। श्री तोमन साहू ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार का यह कदम जिले की बड़ी आबादी के लिए राहतकारी सिद्ध होगा। साथ ही उन्होंने अपेक्षा जताई कि शेष रिक्त विशेषज्ञ पद भी शीघ्र भरे जाएंगे।

क्षेत्रीय जनता में खुशी की लहर, स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा सरकार पर विश्वास बढ़ा

जिला अस्पताल बालोद में चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की खबर मिलते ही जिले की जनता में हर्ष और संतोष का वातावरण है। लंबे समय से अस्पताल में विशेषज्ञों की कमी के कारण मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ता था, किंतु अब एनेस्थीसिया, ईएनटी, नेत्र रोग और मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। जनता ने इस पहल के लिए जहाँ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, को धन्यवाद दिया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू के प्रयासों की भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि उनके द्वारा समय-समय पर उठाई गई मांगें अब धरातल पर साकार हो रही हैं। क्षेत्रीय लोगों का विश्वास स्वास्थ्य मंत्री और जिला पंचायत उपाध्यक्ष दोनों के प्रति और प्रगाढ़ हुआ है। आमजन का मानना है कि इस निर्णय से न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी बल्कि ग्रामीण और गरीब तबके की जानें भी सुरक्षित होंगी।

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