स्वास्थ्य मंत्री के आगमन के दौरान शहीद भगत सिंह रक्तवीर परिवार के द्वारा की गई थी शिकायत, रेडक्रॉस की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष तोमन साहू ने भी उठाया था मुद्दा
बालोद। बालोद जिले के अलग-अलग विकासखंड सहित नगरी निकाय क्षेत्रों में विगत कुछ महीनो से ब्लड की कालाबाजारी हो रही है । यह घिनौना खेल कुछ एनजीओ और प्राइवेट ब्लड बैंक संस्थानों द्वारा मिलकर खेला जा रहा। जिनके द्वारा रक्तदाताओं को हेलमेट और प्रशस्ति पत्र का प्रलोभन देकर विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं और जितने भी रक्तदाताओं के जरिए ब्लड यूनिट इकट्ठा होते हैं उन्हें दूसरे जिले के अस्पतालों में या अपने ब्लड बैंकों में ले जाकर 4000 से 5000 प्रति यूनिट के दर पर बेचा जा रहा है। विगत दिनों जब स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बालोद आए थे तो शहीद भगत सिंह रक्तवीर परिवार बालोद द्वारा इस मुद्दे को उठाते हुए शिकायत की गई थी। साथ ही भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा बालोद की प्रबंध समिति की बैठक में रेडक्रॉस चेयरमैन व जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने भी इसे प्रमुखता से उठाया उन्होंने सीएमएचओ इस पर कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इसके उपरांत सीएमएचओ द्वारा सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को एक आदेश जारी कर दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि बिना अनुमति के कहीं पर भी रक्तदान शिविर कोई भी संस्था नहीं लगाएगी। अगर ऐसा पाया जाता है तो उन संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इस तरह बगैर अनुमति के लगाए गए शिविरों को कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
मुद्दा है गंभीर ,सीएमएचओ को कहा गया था आदेश जारी करने के लिए

रेडक्रॉस के अध्यक्ष तोमन साहू ने कहा कि यह मुद्दा काफी गंभीर है। स्वास्थ्य मंत्री के आगमन के समय भी उन्हें अवगत कराया था। इसके अलावा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा बालोद के प्रबंध समिति की बैठक के दौरान भी मैंने यह मुद्दा उठाया। साथ ही सीएमएचओ को भी पृथक से इस पर आदेश जारी करने के लिए कहा गया था ।जिस पर उन्होंने आदेश जारी भी कर दिया है। शिकायत आ रही थी कि बाहर दूसरे जिले से कुछ एनजीओ और ब्लड बैंक वाले आते हैं, रक्तदान शिविर करते हैं और यहां से ब्लड इकट्ठा कर अपने जिले ले जाते हैं। जबकि बालोद जिले में कहीं किसी को ब्लड की जरूरत पड़ती थी तो लोगों को भटकना पड़ता था। ब्लड बैंक बालोद तक में भी एन वक्त में ब्लड नहीं मिल पाता था। सीएमएचओ ने आदेश जारी कर दिए हैं, अब किसी भी संस्था द्वारा कहीं भी बिना किसी अनुमति के शिविर नहीं लगाए जा सकेंगे।

शहीद भगत सिंह रक्तवीर समिति के प्रमुख दिलीप कौशिक ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आगमन के दौरान उन्होंने इस संबंध में शिकायत की थी। जिस पर अब कार्रवाई हो रही है। सीएमएचओ द्वारा आदेश जारी किया गया है, जिस पर हम आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद बालोद सहित आसपास के जिलों में जरूरतमंद को ब्लड उपलब्ध कराते हैं लेकिन बीते दिनों रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती मरीज को ओ पॉजिटिव ब्लड नहीं मिल पाया, उन्हें काफी भटकना पड़ा। इस बीच लगातार शिकायत प्राप्त हुई थी कि विभिन्न विकासखंड के अलग-अलग गांव में अलग-अलग संस्थाएं रक्तदान शिविर लगाती है और काफी बड़ी संख्या में ब्लड यूनिट इकट्ठा कर ले जाते हैं और अपने ब्लड बैंक के जरिए उन्हें अधिक दाम पर बेचते हैं। मंत्री ,कलेक्टर को शिकायत के बाद अब सीएमएचओ ने आदेश जारी किया है। उम्मीद करते हैं कि अब ब्लड की कालाबाजारी जिले में नहीं होगी और इस पर रोकथाम लगेगी। दिलीप कौशिक ने कहा कि बालोद जिला अस्पताल में ब्लड बैंक होते हुए भी दूसरे जिले के प्राइवेट ब्लड बैंक द्वारा बालोद जिले में आकर ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया जाता है। डोनर्स को प्रलोभन देकर जैसे हेलमेट, निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना बताकर ब्लड डोनेट करवा कर ब्लड को जिले से बाहर ले जाकर प्राइवेट ब्लड बैंक में इसका व्यापार किया जा रहा है। जिससे जिले के मरीजों को ब्लड की आवश्यकता होने पर भटकना पड़ता है । ऐसे शिविर के आयोजन पर प्रतिबंध लगाने की मांग उनके द्वारा बीते दिनों कलेक्टर से भी की गई थी।
