

कर्मियों ने कहा : करोना से तो NHM संविदा कर्मचारी जीत गए पर ये संविदा से कब जीत होगी
बालोद । छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा नियमितीकरण/सविलियन, ग्रेड पे, लंबित 27% वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।जब करोना था तो NHM कर्मचारियों द्वारा जी जान लगाकर मेहनत की, जिसका फल स्वरूप करोना पे काबू पा लिया गया। लाखों लोगों की जान बचाई, करोना ने हमारे कई साथियों की जान ले ली। परंतु कर्मचारियों के संविदा होने के कारण कुछ लाभ नहीं मिला। उनका परिवार आज संकट ग्रस्त है। NHM कर्मचारियों तो करोना से जंग जीत गए परंतु अपनी सरकार से संविदा कुप्रथा के दंश से कब जीतेंगे। मंगलवार को हड़ताल में नौवें दिन बस स्टैंड बालोद विरोध स्वरूप संविदा रूपी मटकी फोड़ का आयोजन किया गया। जिसमें संविदा रूपी मटकी फोड़ कर संविदा प्रथा को खत्म करने का प्रयत्न किया गया। तीज उपवास में भी महिला कर्मचारियों का उत्साह देखते बना। उपवास में भी महिला साथी हड़ताल स्थल में उपस्थित रहे बालोद ब्लॉक से श्रीमती रामेश्वरी साहू ,गुण्डरदेही ब्लॉक से उमेश्वर देशमुख,लोहारा ब्लॉक से श्रीमती सोनल गांधी, डौंडी ब्लॉक श्रीमती मिनाली रामटेके ,गुरुर ब्लॉक श्रीमती फलेश्वरी और अन्य महिला साथी उपस्थित थे। ज्ञात हो कि प्रदेशभर के 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं, जिनमें बालोद जिले के समस्त कर्मचारी भी प्रतिदिन धरना स्थल पर उपस्थित रहकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
