बालोद। बालोद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रभारी) द्वारा प्रति नियुक्ति के लिए प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों को दिए गए एनओसी को रद्द कर दिए जाने के बाद शिक्षक खुद को प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया से बाहर होने के डर से चिंतित हैं। दुर्ग जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी और हिंदी माध्यम स्कूलों के लिए प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक भर्ती हो रही है। जिसमें बालोद जिले के लगभग 65 शिक्षकों ने भी भाग लिया है। इन शिक्षकों को आवेदन करने के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत तौर पर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) दिया गया था। लेकिन अचानक 6 अगस्त को जब साक्षात्कार हुए तो शाम को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने ही जारी किए गए एनओसी को जारी दिनांक तिथि से ही निरस्त कर दिया गया। जिससे शिक्षक नाराज हो गए। इस मुद्दे को लेकर प्रभावित शिक्षक छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के नेतृत्व में कलेक्टर और डीईओ से मिलने के लिए पहुंचे। पर दोनों से उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे में प्रभावित शिक्षकों को जहां एनओसी रद्द किए जाने से खुद के चयन प्रक्रिया से बाहर होने का डर सता रहा है तो न्याय न मिलने की स्थिति में हाई कोर्ट की शरण लेने की बात भी कर रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि वह एनओसी क्यों रद्द किया गया है इसका जवाब मांगने के लिए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर दोनों के पास गए थे। लेकिन दोनों से संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुए। एक ओर जहां डीईओ अपने एनओसी निरस्त के आदेश को लेकर कहने लगे कि अब निरस्त हो गया तो वापस संशोधन आदेश नहीं निकाल सकते। मौखिक तौर पर कहा गया कि दुर्ग डीईओ को बोले हैं कि जो पात्र होंगे उन्हें हम एनओसी दे देंगे। पर इधर प्रभावित शिक्षकों का कहना कि जब एनओसी ही निरस्त कर दिए हैं तो फिर दुर्ग वाले उनका चयन क्यों करेंगे। इधर कलेक्टर दिव्या मिश्रा का कहना था कि डीईओ ने मुझसे पूछ कर तो एनओसी नहीं दी थी तो अब वही इस समस्या का समाधान निकालेंगे । प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि जब एनओसी निरस्त हो गई है तो हम सभी स्वतः ही अपात्र हो गए हैं। ऐसे में चयन प्रक्रिया की सूची से हमारा नाम हटाया जा सकता है। एनओसी अमान्य हो गई है। अधिकारी इस बात को समझ नहीं रहे हैं। सब चीज हो जाने के बाद एनओसी निरस्त किया गया है।
क्या है मामला
छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे ने बताया कि दुर्ग सेजेस प्रतिनियुक्ति के लिए बालोद जिले से लगभग 65 शिक्षक साथीगण को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एनओसी प्रदान किया गया था। जिसका साक्षात्कार 04 अगस्त व 06 अगस्त को सम्पन्न हुआ। साक्षात्कार के बाद उसी दिन शाम को जिला शिक्षा अधिकारी बालोद से आदेश जारी हुआ और उसमें लिखा कि जिनको भी अनापत्ति प्रमाणपत्र मिला है वो उक्त तिथि से निरस्त किया जाता है। जो कि न्याय पूर्ण नही है।जिसका कारण जानने गुरुवार को कुछ शिक्षक साथीगण डीईओ कार्यालय में आए। जहां प्रभारी डीईओ से चर्चा करके जानकारी मिली कि बहुत से विद्यालयों से 5 से 6 शिक्षकों को एक साथ एनओसी दे दिया गया है जो मापदंड में नहीं है। जिसके कारण ऊपर (?) से निर्देश के बाद निरस्त का आदेश निकाला गया। डीईओ के उक्त जवाब के बाद बालोद कलेक्टर से मुलाकात करके चर्चा की गई। जहां कलेक्टर ने डीईओ से चर्चा करने की बात कही और कहा कि मुझसे बिना पूछे एनओसी जारी किया गया तो डीईओ ही समाधान निकाले। बाद में डीईओ से चर्चा की जाएगी कहा गया। छत्तीसगढ़ व्याख्याता विकास संघ के प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे ने कहा कि एनओसी जारी करने के बाद सभी प्रक्रियाओं से शिक्षक गुजर चुके थे, साक्षात्कार होने के बाद अचानक अनापत्ति निरस्त का आदेश निकालना न्याय संगत नही है। सभी शिक्षको को एनओसी मिलना और सेजेस विद्यालय की प्रतिनियुक्ति में भाग लेने का अधिकार है, उसे रोका नही जा सकता। अगर उचित न्याय नही मिला तो सभी शिक्षक साथीगण उच्च न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य रहेंगे। इस दौरान शिक्षक साथीगण में विवेक धुर्वे,अरविंद जैन,योगिता कौशल, जया झा,संध्या वर्मा,सीमा वर्मा,रीना वर्मा, द्रोपती सिंह आदि उपस्थित रहे।
यहां निकली है प्रतिनियुक्ति भर्ती
दुर्ग जिले में नवीन संचालित 10 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए प्रतिनियुक्ति शिक्षक नियुक्त होना है। इसके लिए दुर्ग ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से भी पात्रता रखने वाले शिक्षकों ने आवेदन किया है। जिसमें दस्तावेज परीक्षण, साक्षात्कार 4 (अंग्रेजी माध्यम) और 6 अगस्त (हिंदी माध्यम) को हो चुका है। अंतिम चयन सूची अभी जारी नहीं हुई है। इन स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर पद स्थापना पाने के लिए बालोद जिले के भी कई शिक्षकों ने रुचि लेते हुए आवेदन किया था और इस प्रक्रिया में भाग भी लिए थे। जिन शिक्षकों को इसमें आवेदन करना था उनको व्यक्तिगत तौर पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एनओसी प्रमाण पत्र दिया गया था। जिसके आधार पर भर्ती में प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल हुए थे।
दुर्ग जिले से 15 जुलाई को जारी हुआ था प्रतिनियुक्ति हेतु विज्ञापन
ज्ञात हो कि कार्यालय कलेक्टर अध्यक्ष स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय, प्रबंधन एवं संचालन समिति जिला दुर्ग द्वारा प्रतिनियुक्ति हेतु विज्ञापन 15 जुलाई को जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना अंतर्गत दुर्ग जिले में कुल 10 नवीन विद्यालयों के लिए छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शासकीय कर्मचारी जो उक्त विद्यालयों में हिंदी, अंग्रेजी माध्यम के पदों के लिए प्रतिनियुक्ति हेतु इच्छुक हैं, से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन एक लिंक पर लिए गए थे। 25 जुलाई रात्रि 11:59 बजे तक यह ऑनलाइन आवेदन किया गया । प्रति नियुक्ति हेतु आवेदन सीधे कार्यालय में स्वीकार नहीं किए गए थे।प्रतिनियुक्ति के लिए सेवा शर्त एवं चयन प्रक्रिया के बारे में बताया गया था कि शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय विद्यालयों में पदस्थ नियमित प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक, शिक्षक, सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला, सहायक ग्रेड 2, सहायक ग्रेड 3, व्यायाम शिक्षक, ग्रंथपाल, चपरासी ही प्रतिनियुक्ति हेतु आवेदन कर सकते हैं। इसमें किसी भी जिले के शिक्षकों या संबंधित लोगों को आवेदन करने की छूट थी ।सिर्फ दुर्ग जिले की बाध्यता नहीं थी। इसी के तहत ही बालोद जिले के इच्छुक शिक्षकों ने भी प्रतिनियुक्ति हेतु आवेदन किया था। ऑनलाइन प्रविष्टि के आधार पर पात्र की श्रेणी में आए हुए 409 शिक्षकों को दस्तावेज परीक्षण और साक्षात्कार हेतु आमंत्रित किया गया था। अंतिम चयन सूची जल्द ही जारी होने वाली है।
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