मामला स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल दुर्ग जिले में प्रतिनियुक्ति में पदस्थ होने को लेकर
बालोद। बालोद जिले का शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में आ गया। ताजा मामला दुर्ग जिले में नवीन संचालित 10 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए प्रतिनियुक्ति शिक्षक नियुक्त करने को लेकर है। इसके लिए दुर्ग ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से भी पात्रता रखने वाले शिक्षकों ने आवेदन किया था। जिसमें दस्तावेज परीक्षण, साक्षात्कार 4 (अंग्रेजी माध्यम) और 6 अगस्त (हिंदी माध्यम) को हो चुका है। अंतिम चयन सूची अभी जारी नहीं हुई है। इन स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर पद स्थापना पाने के लिए बालोद जिले के भी कई शिक्षकों ने रुचि लेते हुए आवेदन किया था और इस प्रक्रिया में भाग भी लिए थे। जिन शिक्षकों को इसमें आवेदन करना था उनको व्यक्तिगत तौर पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एनओसी प्रमाण पत्र दिया गया था। जिसके आधार पर भर्ती में प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल हुए थे। लेकिन 6 अगस्त को अचानक बालोद जिला के प्रभारी शिक्षा अधिकारी डीपी कोसरे द्वारा एक आदेश जारी करते हुए एनओसी को जारी दिनांक से तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। उन्होंने आदेश में लिखा है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी हिंदी माध्यम विद्यालय जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ में प्रतिनियुक्ति हेतु बालोद जिले में कार्यरत सहायक शिक्षक, व्याख्याता और प्राचार्य को इस कार्यालय द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी दिनांक से तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। पूरी प्रक्रिया हो जाने के बाद अचानक इस तरह डीईओ द्वारा एनओसी प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने से संबंधित शिक्षकों में घोर नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। शिक्षक इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर दिव्या मिश्रा से शिकायत करने और उनसे भी जवाब मांगने के लिए जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति का जो विज्ञापन जारी हुआ था उसमें कोई भी जिले के शिक्षक आवेदन कर सकते थे और इसकी हमें स्वतंत्रता भी है। शिक्षा विभाग ने पहले हमें एनओसी भी दी थी पर अब सब चीज हो जाने के बाद एनओसी रद्द कर दिया गया है। जबकि सभी का साक्षात्कार हो चुका है। चयन सूची अब जारी होने वाली है। 409 पात्र आवेदकों में शामिल शिक्षकों में अंग्रेजी माध्यम वालों को 4 अगस्त और हिंदी माध्यम वालों को 6 अगस्त को दस्तावेज परीक्षण में साक्षात्कार के लिए आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग में बुलाया गया था। जहां पूरी प्रक्रिया हो चुकी है लेकिन इधर बालोद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एनओसी को रद्द कर दिए जाने से मामला अटकता नजर आ रहा है। प्रभावित शिक्षकों का कहना है की डीईओ द्वारा अचानक इस तरह से फैसला क्यों लिया गया, यह समझ के परे हैं। चर्चा है कि कलेक्टर के निर्देश पर उन्होंने यह आदेश जारी किया है। विभागीय सूत्रों की माने तो जिला प्रशासन अपने जिले के शिक्षकों को दूसरे जिले में जाने से रोकने के लिए यह हथकंडा अपना रहा है। लेकिन प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि उतने ज्यादा पद ही नहीं है कि अगर सब के सब वहां चले जाए तो शिक्षा व्यवस्था बालोद जिले में प्रभावित हो जाएगी। जिनकी इच्छा है जो पात्रता रखते हैं वे ही कुछ ही पद के लिए प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। पर इसके लिए सभी के एनओसी को रद्द किया जाना अन्याय है। देखने वाली बात होगी कि कलेक्टर अब इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।
दुर्ग जिले से 15 जुलाई को जारी हुआ था प्रतिनियुक्ति हेतु विज्ञापन
ज्ञात हो कि कार्यालय कलेक्टर अध्यक्ष स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय, प्रबंधन एवं संचालन समिति जिला दुर्ग द्वारा प्रतिनियुक्ति हेतु विज्ञापन 15 जुलाई को जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना अंतर्गत दुर्ग जिले में कुल 10 नवीन विद्यालयों के लिए छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शासकीय कर्मचारी जो उक्त विद्यालयों में हिंदी, अंग्रेजी माध्यम के पदों के लिए प्रतिनियुक्ति हेतु इच्छुक हैं, से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन एक लिंक पर लिए गए थे। 25 जुलाई रात्रि 11:59 बजे तक यह ऑनलाइन आवेदन किया गया । प्रति नियुक्ति हेतु आवेदन सीधे कार्यालय में स्वीकार नहीं किए गए थे।प्रतिनियुक्ति के लिए सेवा शर्त एवं चयन प्रक्रिया के बारे में बताया गया था कि शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय विद्यालयों में पदस्थ नियमित प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक, शिक्षक, सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला, सहायक ग्रेड 2, सहायक ग्रेड 3, व्यायाम शिक्षक, ग्रंथपाल, चपरासी ही प्रतिनियुक्ति हेतु आवेदन कर सकते हैं। इसमें किसी भी जिले के शिक्षकों या संबंधित लोगों को आवेदन करने की छूट थी ।सिर्फ दुर्ग जिले की बाध्यता नहीं थी। इसी के तहत ही बालोद जिले के इच्छुक शिक्षकों ने भी प्रतिनियुक्ति हेतु आवेदन किया था। ऑनलाइन प्रविष्टि के आधार पर पात्र की श्रेणी में आए हुए 409 शिक्षकों को दस्तावेज परीक्षण और साक्षात्कार हेतु आमंत्रित किया गया था। अंतिम चयन सूची जल्द ही जारी होने वाली है इसके पहले ही बालोद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उक्त प्रतिनियुक्ति में भाग लेने के लिए दिए गए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) को निरस्त कर दिया गया है। इधर नाराज शिक्षकों का कहना है कि अगर कलेक्टर से बात करने के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मामले को हाईकोर्ट तक ले जाएंगे और इस प्रतिनियुक्ति भर्ती पर स्टे लगाएंगे।
