बालोद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), नगर इकाई बालोद द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, बालोद में “छात्र प्रतिभा मंच विद्यार्थी सम्मान समारोह” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के मेधावी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। सम्मान समारोह के साथ ही परिषद के कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सीड बॉल अभियान भी चलाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे उपस्थित रहे। वहीं परिषद वक्ता एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, छत्तीसगढ़ के प्रांत उपाध्यक्ष श्री चंदन राठौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करता है। विद्यार्थी देश के भविष्य और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अभाविप की प्रांत सह मंत्री सुश्री मनीषा राणा ने परिषद का परिचय प्रस्तुत करते हुए संगठन की भूमिका एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, मोमेंटो एवं सम्मान स्वरूप पौधे प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिले का मान-सम्मान बढ़ाने वाली बालोद जिले की बेटी एवं करेन स्कूल की छात्रा हिमांशी साहू का इसरो के प्रतिष्ठित ‘युविका-2026’ कार्यक्रम में चयन होने पर उन्हें विशेष रूप से शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई। अतिथियों ने सभी सम्मानित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शिक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

सम्मान समारोह के उपरांत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभिनव पहल करते हुए बालोद के सिया देवी मार्ग पर सीड बॉल अभियान चलाया गया। इस दौरान मार्ग के आसपास खाली स्थानों एवं उपयुक्त क्षेत्रों में सीड बॉल डाली गईं, ताकि आने वाले समय में वहां हरियाली विकसित हो सके और पर्यावरण संरक्षण के साथ वन क्षेत्र को बढ़ावा मिले। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने निरंतर घटते हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन या किसी एक संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर पौधरोपण, बीज संरक्षण और लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और हरित भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। परिषद द्वारा शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरण एवं सेवा कार्य निरंतर किए जाएंगे।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर एवं जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रतिभाओं के सम्मान से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों में शिक्षा, समाजसेवा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रेरणादायी संदेश दिया।











