बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी पुनेश उर्फ पुनेश्वर गोटा उम्र-29 वर्ष, निवासी थाना-डौण्डीलोहारा क्षेत्र का एक ग्राम को भारतीय न्याय संहिता की धारा 127 (2) के अपराध में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- अर्थदण्ड व 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास तथा लैंगिक अपराध की धारा 6 के आरोप में आजीवन कारावास (जो उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के कारावास से अभिप्रेरित है) व 1000 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया। बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) ने बताया 11 अक्टूबर 2024 को शाम 04 बजे नाबालिग पीड़िता अपनी एक सहेली के साथ उसके घर लुका छिपी खेल रही थी, वह उसके घर में इधर-उधर छिप रही थी तभी अचानक सहेली का चाचा/आरोपी पुनेश्वर गोटा आया और उसके हाथ को कसकर पकड़कर खींचकर कमरा अंदर ले जाकर कमरे का दरवाजा बंद कर उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया और किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दिया। तब पीड़िता डरी सहमी रोते हुए अपने घर आयी और उसकी माता के द्वारा पूछने पर घटना के बारे में बतायी, जिस पर पीड़िता की माता ने थाना-डौण्डीलोहारा जाकर घटना के बारे में लिखित शिकायत पेश कर कार्यवाही चाही। जिस पर थाना डौण्डीलोहारा में आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र 09 दिसंबर 2024 को प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक वीणा यादव एवं महिला प्रधान आरक्षक लिलेश्वरी देवांगन के द्वारा की गई थी।
