“जब लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा हो, तो चुप रहना भी अपराध है”, वोट चोरी के खुलासे पर विधायक अनिला भेड़िया ने किया बड़ा हमला



बालोद। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और छत्तीसगढ़ विधानसभा की डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेंड़िया ने आज देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हो रहे हमलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा किए गए वोट चोरी के बड़े खुलासे का समर्थन करते हुए कहा: कि “यह केवल चुनावी गड़बड़ी नहीं, लोकतंत्र की हत्या का सीधा प्रमाण है।”उन्होंने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है “फर्जी वोटरों के जरिए जनमत को कुचला जा रहा है। ये लोकतंत्र नहीं, डिजिटल तानाशाही है!”अनिला भेंड़िया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बयान दिया है कि जब एक विधानसभा में 1 लाख फर्जी वोटर मिल सकते हैं, तो पूरे देश में कितनी बड़ी साजिश चल रही होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। चुनाव आयोग की चुप्पी बेहद शर्मनाक है। अगर वो स्वतंत्र नहीं रह गया है, तो उस पर ताला लगा देना चाहिए।
अंत में, उन्होंने चुनाव आयोग से सीधा सवाल पूछा है कि: क्या अब भी आपको निष्पक्ष कहा जाए ? या देश को मान लेना चाहिए कि ECI अब BJP का चुनाव प्रबंधन कार्यालय बन चुका है ?

क्या है मामला

ज्ञात हो कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की तरफ से फेक वोटर्स की पहचान के लिए कराई गई जांच की डिटेल मीडिया के सामने रखी. उन्होंने कहा कि वोट संविधान की नींव है, लेकिन क्या सही लोगों को वोट देने का अधिकार हासिल है या फिर फर्जी मतदाताओं को लिस्ट में जोड़ा गया है? राहुल गांधी ने कहा कि जब बैलेट पेपर से वोट पड़ते थे तो पूरा देश एक दिन में वोट करता था. लेकिन अब EVM से वोट पड़ते हैं तो यूपी-महाराष्ट्र जैसे राज्यों में 5-5 फेज और महीनेभर में वोटिंग हो पाती है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सिर्फ पांच महीने के भीतर पांच साल से ज्यादा नए वोटर जुड़े. उन्होंने कहा कि यहां लोकसभा में हमारा गठबंधन जीतता है, लेकिन विधानसभा चुनाव में धज्जियां उड़ जाती हैं. विधानसभा चुनाव में एक करोड़ नए वोटर मतदान करते हैं, जबकि लोकसभा में ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों से गड़बड़ी का शक हुआ. इसके बाद हमने अपनी जांच शुरू की, क्योंकि हमारे पास पहले कोई सबूत नहीं था. हमने चुनाव आयोग से पूछा कि महाराष्ट्र में एक करोड़ नए वोटर कहां से आए. लोकसभा में एक नतीजा, विधानसभा चुनाव में अलग नतीजा, ये कैसे हुआ. हमने चुनाव आयोग से इसका जवाब मांगा. जांच के दौरान हमें 5 तरह की वोट चोरी का पता चला. इस सीट पर कुल मिलाकर 100250 वोटों की चोरी हुई है. इसमें 11 हजार से ज्यादा डुप्लीकेट वोटर्स मिले हैं. फेक पते वाले 40 हजार से ज्यादा वोटर्स, 10 हजार से ज्यादा एक पते वाले बल्क वोटर्स, फेक फोटो वाले चार हजार वोटर्स और फॉर्म 6 का गलत इस्तेमाल करने वाले 33 हजार से ज्यादा वोटर्स का खुलासा हुआ है.

इधर कर्नाटक निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी से कहा, शपथ पत्र में लिखकर देना होगा सबूत, वरना कार्रवाई होगी

इधर कर्नाटक में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि यदि उन्होंने जिन मतदाताओं के नाम, पते और पहचान को लेकर धांधली के आरोप लगाए हैं, तो वे उसके प्रमाण के साथ शपथ पत्र (Declaration/Oath) पर हस्ताक्षर करें. नहीं तो वे अपने बयान वापस लें और जनता को गुमराह करना बंद करें. इस पर राहुल गांधी ने भी जवाब दिया है कि वह नेता हैं और जो वह सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं, इसे ही शपथ माना जाए. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा जारी इस पत्र में राहुल गांधी से 8 अगस्त 2025 को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच मुलाकात की अनुमति दी गई है. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि SSR 2025 के ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट कांग्रेस को क्रमशः नवंबर 2024 और जनवरी 2025 में ही दे दी गई थी. इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से कोई प्रथम या द्वितीय स्तर की आपत्ति या अपील दाखिल नहीं की गई. चुनाव आयोग द्वारा जारी घोषणा पत्र में राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना है कि वह किन नामों को फर्जी मानते हैं, उनका पार्ट नंबर और सीरियल नंबर क्या है, और यह बयान वे निजी जानकारी के आधार पर दे रहे हैं. आयोग ने कहा कि अगर राहुल गांधी झूठी जानकारी देते हैं तो उन पर RP Act 1950 की धारा 31 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 227 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

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