अपनी मांगों के समर्थन में बालोद जिला के स्कूल सफाई कर्मचारी शामिल हुए धरना स्थल तुता रायपुर में , 15 अगस्त तक नहीं की गई मांग पूरी तो केशकाल घाटी में करेंगे चक्का जाम



बालोद। प्रदेश के आह्वान पर छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी 16 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस क्रम में कर्मचारी रायपुर के तुता में धरना दे रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर जारी इस प्रदर्शन में बालोद जिले के कर्मचारियों ने भी शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद की। बालोद जिला अध्यक्ष छन्नू साहू ने कहा है कि सरकार को सोचना चाहिए कि इतने कम सैलरी में परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता। आज बाजार में सब्जी लेने जाओ तो इतना महंगाई है कि 200 में सब्जी का थैला नहीं भरता। सरकार हमारी मांगों को 15 अगस्त तक जल्द से जल्द अंशकालीन को पूर्ण कालीन करें नहीं तो आगे चलकर केशकाल घाटी में चक्का जाम किया जाएगा। बालोद जिला के संरक्षक शंभू साहू ने कहा है कि, भाजपा की सरकार ने घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी वादा किया था कि हमारी सरकार अगर बनती है तो हम 50% आपकी वेतन वृद्धि करेंगे मगर सरकार बनने के डेढ़ साल होने जा रहा है आज तक 50% वेतन वृद्धि नहीं हुआ। अगर 15 अगस्त तक 50% वेतन वृद्धि नहीं होता है तो आगे चलकर उग्र आंदोलन करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कर्मचारियों को 15 वर्ष हो गए कार्य करते हुए लेकिन आज तक इसकी मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। वर्ष 2011 से उनकी नियुक्ति हुई थी। अंशकालिक होने के कारण सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कार्य करने के बाद कोई दूसरा कार्य में नहीं जा सकते, यहां तक की रोजगार गारंटी में भी कार्य से वंचित कर दिया जाता है। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक सफाई कार्य करने के पश्चात मध्यान भोजन के समय सफाई . शाला समिति की बैठक में पानी पिलाना. रजिस्टर में हस्ताक्षर कराना और शाम को फिर छुट्टी होने के बाद स्कूल बंद करने का कार्य करते हैं। इस तरह उन्हें दिन भर का कार्य हो जाता है। इसके बदले में उनका मात्र 3400 का मानदेय दिया जाता है। जिससे परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता। कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

कर्मचारियों के साथ हो रहा है अन्याय….

कुछ स्कूल के प्रधान पाठक द्वारा अंशकालीन सफाई कर्मचारियों को दबाव बना रहे हैं कि आप लोग कार्य पर आओ. कार्य करो. .हड़ताल में नहीं जाओ नहीं तो आपकी जगह आपको निकाल कर दूसरे को नियुक्ति कर देंगे। एक तो इतना कम सैलरी ऊपर से प्रधान पाठक द्वारा दबाव बनाया जाना कर्मचारियों को मानसिक पीड़ा का सहन करके जीवन यापन करना पड़ रहा है।

चुनाव से पहले कांग्रेस की सरकार ने की थी घोषणा………

धरना स्थल पर समर्थन देने आए कांग्रेस की समर्थक ने कहा था कि हमारी सरकार बनाओ हम 10 दिन में ही आप लोगों को पूर्णकालिक कर देंगे। कर्मचारियों ने वोट दिया कांग्रेस की सरकार बनी। फिर भी कांग्रेस के शासनकाल में पूर्णकालीन का दर्जा कर्मचारियों को नहीं मिला।

You cannot copy content of this page