DAILY BALOD NEWS

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अपहरण के आरोपीगण को मिला 05-05 वर्ष का कारावास, गुमराह कर ले गए थे नाबालिग को हैदराबाद

बालोद । एस.एल. नवरत्न, प्रधान विशेष / सत्र न्यायाधीश अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, बालोद, जिला बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी छन्नू राम साहू आ. रामकुमार साहू, उम्र 35 वर्ष, श्रीमती ललिता साहू पति छन्नू राम साह, उम्र-30 वर्ष, दोनों निवासी साकिन-भुसरेंगा, थाना-रनचिरई, जिला-बा लोद और बिरेन्द्र कुमार साहू आ. लीलाधर साहू, उम्र 33 वर्ष, निवासी-कुंदरू पारा बालोद, थाना-बालोद, जिला-बालोद (छ.ग.) प्रत्येक को धारा 365/34 भा.दं.वि. के आरोप में 05 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दोषसिद्ध किया गया तथा धारा 3(2) (va) St/Sc Act के आरोप में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपए अर्थदण्ड से दोषसिद्ध किया गया। प्रकरण की पैरवी शासन की ओर से पुष्पदेव साहू, विशेष लोक अभियोजक (एट्रोसिटी) बालोद (छ.ग.) के द्वारा किया गया। जिसके अनुसार घटना की संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थिया / पीड़िता की माता थाना बालोद में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसकी नाबालिग पुत्री/पीड़िता दिनांक 15-11-2020 के दोपहर करीब 12:30 बजे घर से गौरी-गौरा देखने जा रही है, कहकर निकली थी जो शाम तक घर नहीं आने पर आस-पास एवं रिश्तेदारों के यहां पता-तलाश किये नहीं मिली, उसकी बेटी नाबालिग है, उसे शक है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है। उक्त आशय की रिपोर्ट पर थाना बालोद में अपराध क्र0 372/2020 पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान संदेहियों के हैदराबाद जाने की मुखबीर सूचना पर पुलिस टीम गठित कर रवाना किया गया तथा वहां से पुलिस टीम के द्वारा संदेहियों छन्नू राम एवं ललिता साहू के कब्जे से अपहृता नाबालिग को बरामद कर लाया गया तथा अपहृता के कथन लेखबद्ध किये गये, जिसमें उसने छन्नू राम एवं ललिता साहू के द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाना बताया गया। पीड़ित बालिका की जाति अनुसूचित जाति की सदस्य होने के कारण प्रकरण में अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा जोड़ी गयी और अंतिम विवेचना हेतु प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को सौंपा गया। प्रार्थिया / पीड़िता की माता के उक्त शिकायत के आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध थाना-बालोद द्वारा भा.द.वि. की धारा 365/34 तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2) (va) के अधीन अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना म.प्र.आ.-नर्मदा कोठारी, उ.नि. यामन कुमार देवांगन, उप पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा के द्वारा किया गया।

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