मदद के लिए की थी आवेदन, 2 दिन के भीतर 51 हजार रुपए बेटी को दिया दान
शिक्षा में अब नहीं आएगी मुश्किलें, चारवाही की गरिमा ने कहा: गुरुदेव के दानशीलता को मैं मान गई….
बालोद । ग्राम भेड़ी (सुरेगांव) के नाड़ी वैद्य और समाजसेवी गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने एक बार फिर अपनी दानशीलता का अनूठा परिचय दिया है। एक अनाथ हुई निर्धन बेटी से 2 दिन पहले किया हुआ वादा उन्होंने निभाया है। दरअसल में 25 जुलाई को गुरुर ब्लॉक के ग्राम पोड़ में आयोजित शौचालय स्वच्छता और हेलमेट जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आर्थिक मदद का आवेदन लेकर चारवाही की एक बेटी गरिमा साहू पहुंची थी। उन्होंने गुरुदेव की दानशीलता के बारे में सुना था कि वह हर किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं। खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मदद के लिए तत्पर रहते हैं। कार्यक्रम के बाद बिटिया ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। जब गुरुदेव ने जाना कि 12वीं में पढ़ रही उक्त छात्रा के माता-पिता का एक महीने के अंतराल में एक साथ निधन हो गया है तो उन्हें काफी दुख हुआ। एक अनाथ सा जीवन जी रही बिटिया को उन्होंने सहारा देने के लिए तत्काल उनके आवेदन पर आश्वासन देते हुए कहा कि अपनी ओर से उनकी शिक्षा दीक्षा में मदद के लिए 51 हजार देंगे। उनके पास उस वक्त नकद पैसे नहीं थे तो उन्होंने बिटिया को अपने किसी रिश्तेदारों या फाउंडेशन के लोगों के जरिए अपने घर में आमंत्रित किया। रविवार 27 जुलाई को बेटी गरिमा साहू मां 64 योगिनी मोक्ष धाम फाउंडेशन के सदस्यों के साथ भेड़ी (सुरेगांव) के कामधेनु मंदिर गुरुदेव के निवास स्थल पहुंची। जहां पर सभी की मौजूदगी में गरिमा को अपने वादे के मुताबिक गुरुदेव श्री देशमुख ने 51 हजार रुपए नगद सहायता राशि दी। गुरुदेव द्वारा इस राशि को पाकर गरिमा साहू ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सुना था लेकिन आज प्रत्यक्ष प्रमाण देखकर गुरुदेव की दानशीलता को मान गई। यह मदद उनके लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
एक महीने के अंदर बीमारी से मां तो सड़क हादसे से पिता चल बसे
बेटी गरिमा ने बताया कि उनके पिता हेमंत साहू का एक सड़क हादसे में 24 फरवरी 2025 को मृत्यु हो गई। इस घटना के ठीक 1 महीने पहले 24 जनवरी 2025 को ही उनकी माता होमेश्वरी भी अस्वस्थता के चलते चल बसी। पिता ने उनके इलाज में ही काफी खर्च कर दिए और जमा पूंजी खत्म हो गई। इसके बाद सड़क हादसे में पिता भी नहीं रहे। इस तरह उनके सर से मम्मी और पापा दोनों का छत्रछाया नहीं रहा। इलाज के दौरान उनके बड़े पिता इधर-उधर से कर्जा लेकर अस्पताल में पैसा जमा किए थे। इस तरह उन्हें आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ा और वह गुरुदेव की शरण में मदद के लिए आई । गुरुदेव ने उन्हें मदद का भरोसा दिलाया और दो दिनों को भीतर अपनी ओर से उन्हें 51000 दे भी दिया। गरिमा ने बताया कि उनका एक भाई सूर्यकांत साहू है, जो 12वीं कक्षा में है तो वही वह भी 12वीं कक्षा की छात्रा है। वर्तमान में अपने बड़े पिता गोविंदराम साहू व बड़ी मां सुमन साहू के साथ दल्ली राजहरा में रह रही है। उन्हें गुरुदेव के बारे में रिटायर्ड फौजी कैप्टन जगमोहन साहू निवासी कोचवाही के जरिए पता चला और इसलिए पोड़ में आयोजित कार्यक्रम में आवेदन देने के लिए गुरुदेव के समक्ष पहुंची थी।
मोक्ष धाम फाउंडेशन जरूरतमंद की मदद के लिए तत्पर है
गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने छात्रा गरिमा की मदद करते हुए कहा कि मां 64 योगिनी मोक्ष धाम फाउंडेशन इसी तरह जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा साथ खड़ी है। उन्होंने लोगों से भी अपील किया कि जो भी जरूरतमंद है उनका सहयोग करें। सब एक दूसरे के सुख-दुख में मिलकर साथ चले। मैं एक छोटा सा सेवक हूं और नाड़ी वैद्य के नाम से मुझे लोग जानते हैं। पोड़ में जब बेटी गरिमा मिली तो उसकी हालत जान मुझे दुःख हुआ तो उनकी मदद कर एक गर्व भी हुआ। गरिमा के बालिग होने से पहले उनके माता-पिता का स्वर्गवास हो गया है। आर्थिक तंगी से गुजर रही है और आवेदन लेकर मेरे पास पहुंची थी कि मुझे पढ़ाई लिखाई में मदद करें। मैं ज्यादा तो कुछ नहीं कर सकता था फिर भी अपने स्तर पर मैंने उन्हें 51 हजार रुपए की मदद की है।
इलाज में 10 रुपए बचा कर और ठीक हुए मरीजों, दानदाताओं के स्वेच्छा से मिले राशि से करते हैं मानव सेवा
गुरुदेव ने इस बेटी के लिए 51 हजार राशि कहां से जुटाएंगे, इस सवाल पर मीडिया से कहा था कि वे इलाज के दौरान मानव सेवा के नाम पर लोगों से जो दवाई देते हैं, उसमें नाड़ी छूकर जांचने के लिए 10 रुपए जोड़ते हैं और इस राशि को थोड़ा-थोड़ा प्रत्येक मरीज से बचाकर मानव सेवा हेतु इकट्ठा करते हैं। वहीं कई मरीज ठीक होने के बाद स्वेच्छा से अपनी ओर से राशि दान करते हैं जो फाउंडेशन के जरिए ही मानव सेवा में लगाया जाता है। आगे भी अगर इस तरह की कोई विपरीत परिस्थितियों से गुजर रहे हैं तो उनकी भी हम मदद के लिए यथासंभव प्रयास करेंगे। वही मदद पर गरिमा साहू ने कहा कि मम्मी पापा के निधन के बाद मैं बहुत अकेली सी हो गई थी,मेरा कोई कर्ताधर्ता नहीं है। जिसके कारण मैं गुरुजी से मदद मांगने आई थी। उन्होंने मेरे मांग पर तुरंत आशीर्वाद दिया। उन्होंने मुझे 51 हजार रुपए की मदद की, इसके लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करती हूं।
दानशीलता के हैं उनके कई किस्से
ज्ञात हो कि बालोद जिले के संत बिरेंद्र देशमुख नाड़ी वैद्य के साथ दानशीलता की मिसाल बनते जा रहे,सामाजिक सेवा के साथ ही जन सेवा से जुड़े कई काम वे करते जा रहे हैं। बालोद जिले के डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम – भेडी(सुरेगांव)के रहने वाले श्री देशमुख अपनी दानशीलता के लिए जाने जाते हैं। इसी उद्देश्य के साथ जब भी कोई जरूरतमंद उनके दरवाजे पर मदद की गुहार लेकर जाते हैं,वह हमेशा उनकी मदद करते रहते हैं। गरिमा से पहले वैद्य श्री देशमुख ने दुर्ग जिले के (पुरदा)नवागांव में स्कूल में कमरा बनाने के लिए 8 लाख दिए हैं। निकुम में शोक ग्रस्त यादव परिवार की माता और बेटी को 25,000 की मदद किए, लोहारा ब्लॉक के भंडेरा गांव में मायाराम पटेल का घर आग में पूरी तरह जल जाने पर उन्हें 1 लाख रुपए, माहूद स्कूल में सेड निर्माण के लिए 1.60 लाख रुपए, धमतरी में एक परिवार को 51,000 की मदद कर चुके है। जगन्नाथपुर के मीडिया कर्मी दीपक यादव को भी हाल ही में 21 हजार की मदद राशि इलाज के लिए दिए हैं। गुरुदेव श्री देशमुख लकवा, वात, कैंसर, अस्थमा सहित कई रोगों को दूर करने दवाई देते है, वे नाड़ी छूकर ही कई शारीरिक समस्याओं को आसानी से बता देते है,जिसके एवज में लोगों से वे सामान्य शुल्क लेते है,साथ ही गरीबों की वे निःशुल्क इलाज भी करते है।
इन अभियानों में भी उनकी है अग्रणी भूमिका
संत बीरेंद्र देशमुख अभी सामाजिक रूप से स्वच्छता शौचालय अभियान,साथ ही हेलमेट जागरूकता अभियान चला रहे हैं । जिसके तहत प्रथम चरण में चारामा ब्लॉक के ग्राम गोलकुम्हड़ा में अभियान चलाया गया और दो दिन पहले गुरूर ब्लॉक के ग्राम पोड़ में द्वितीय चरण हुआ। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा,जब तक की लोग जागरूक न हो जाए।गुरुदेव ने बताया इस अभियान में लोगों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरुस्कार से सम्मानित कर रहे है।
लोगों में इस अभियान के प्रति काफी उत्साह देखने को मिल रहा,साथ ही लोग उनके इस अभियान की प्रशंसा भी कर रहे।
लिमोरा में बनवा रहे हैं भव्य मंदिर
नाड़ी वैद्य गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख के द्वारा गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम लिमोरा में भव्य 64 योगिनी कामधेनु मंदिर का निर्माण भी करवा रहे। जहां राजस्थान में निर्मित कामधेनु और माता काली की मूर्ति विगत दिनों मंदिर प्रांगण में लाई जा चुकी है। मोक्षधाम फाउंडेशन के तहत मंदिर परिसर में अन्य निर्माण कार्य चल रहा है। मंदिर को बनवाने के लिए दानदाताओं का सहयोग भी लिया जा रहा है। संत श्री बीरेंद्र देशमुख जी ने बताया कि यहां पागलों के इलाज के लिए विशेष सुविधा निशुल्क रहेगी। इसके अलावा अमृतआश्रय, मूक बधिर, ध्यान साधना केंद्र, गुरुकुल व गौशाला भी प्रारंभ किए जाएंगे।
