डिप्टी सीएम से जिला अध्यक्ष छन्नू साहू ने अंशकालीन से पूर्ण कालीन कलेक्टर दर देने की रखी मांग



बालोद| बालोद जिला के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा  के बालोद आगमन के पश्चात अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष छन्नू साहू ने उनसे भेंट करते हुए अंशकालीन से पूर्ण कालीन कर कलेक्टर दर देने की रखी.मंत्री से चर्चा किया गया है हम स्कूल सफाई कर्मचारी सन 2011 से आज तक कार्य करते आ रहे हैं, इसके बदले हमें मात्र ₹3000 वेतन दिया जाता है, इस पर परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता. कई समस्याओं से जूझना पड़ता है. प्रदेश में 43301 स्कूल सफाई कर्मचारी है, जो इसी पर निर्भर है. अपने बच्चों की शिक्षा दीक्षा भी इतनी कम वेतन से नहीं कर पाते, चुनाव के पहले भाजपा की घोषणा पत्र में 50% वेतन वृद्धि का भी घोषणा किया गया था, पर आज तक कुछ नहीं हुआ.स्कूल सफाई कर्मचारियों का आर्थिक परेशानी बहुत दयनीय है एवं उनका जीवन यापन करने में बहुत कठिनाई हो रही है. वे सुबह 10 बजे स्कूल जाते हैं, मध्यान भोजन के समय भी कार्य करने में मदद करते हैं, राशन लाते हैं शाला समिति की बैठक की रजिस्टर में हस्ताक्षर करlते हैं, विद्यालय में समिति की बैठक होने पर पानी पिलाते हैं और छुट्टी के बाद स्कूल बंद भी करते हैं, इस तरह उन्हें स्कूल में ही पूरा टाइम लग जाता है.
2011 से हुई थी नियुक्ति ,

शिक्षा संभाग के सचिव ने शाला का आकस्मिक निरीक्षण करने पर पाया गया था कि  छत्तीसगढ़ के सभी विद्यालय में अंशकालीन सफाई कर्मचारी का पद स्वीकृत है, पर नियुक्ति अभी तक नहीं हुआ है तो उन्होंने निर्णय लिया कि यह पद को भरा जाए और यह अंशकालीन है, इसलिए प्रधान पाठक या प्राचार्य अपने स्तर पर इसकी नियुक्ति कर सकते हैं. इसका कोई नियम व शर्त नहीं है, जिससे विद्यालय की साफ सफाई बेहतर हो सके.

 कई बार हो चुकी है हड़ताल …

सरकार किसी की भी हो, अंशकालीन सफाई कर्मचारी कई दिनों से हड़ताल करते आ रहे हैं, मगर सभी चुनाव के पहले कहते हैं कि हम आपकी मांग पूर्ण कर देंगे, पर जीतने पर किसी का ध्यान नहीं जाता, हड़ताल करने पर केवल आश्वासन ही दिया जाता है, पिछली सरकार ने टीम भी गठित किया था. सरकार बदल गई पर अंशकालीन सफाई कर्मचारी वही की वही रह गए. इस बार भाजपा की सरकार ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में 50% वेतन में वृद्धि का ऐलान किया था, पर आज तक कुछ पता नहीं चला.सन 2011 में शुरू-शुरू में अंशकालीन सफाई कर्मचारी की नियुक्त होने पर कुछ प्रधान पाठक एवं प्राचार्य के द्वारा सफाई कर्मचारी को नियुक्ति पत्र दिया गया था. पर बाद में उसे वापस मांग लिया गया फिर उसे फिर से कभी नहीं दिया गया.

 4 घंटा भी काम कर चुके हैं सफाई कर्मचारी पर वेतन नहीं दिया गया

सन 2013-14 में दो घंटा सुबह 2 घंटा शाम भी कार्य लिया गया है, जिसमें यह कहा गया था कि आंगन, पेड़ पौधों की सफाई एवं छत के ऊपर भी सफाई को विशेष ध्यान देना है और 2 घंटा सुबह और 2 घंटा शाम काम करने का आदेश आया है, पर उसे पुनः दो घंटा कर दिया गया. कर्मचारियों के साथ यह अन्याय है. प्रमोशन की बजाय डिमोशन ही मिलता रहा है, हम कर्मचारियों को तुक्ष समझने लगे हैं.

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