तीन साल पहले माइनस 16 डिग्री में 12500 फीट में चढ़ाई कर 30 लोगों की टीम के साथ यशवंत ने लहराया था तिरंगा, अब वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम हुआ दर्ज, मिला प्रमाण पत्र, कलेक्टर ने भी किया सम्मानित



बालोद। बालोद जिले के एक युवा पर्वतारोही यशवंत टंडन को पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें अपने 3 साल पहले किए गए लगभग 12500 फीट की ऊंचाई पर चढ़ाई में सफलता के लिए अब उनका ना वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। इसका प्रमाण पत्र उन्हें हाल ही में प्राप्त हुआ है। जिसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने भी उन्हें कलेक्ट्रेट में प्रमाण पत्र भेंट करते हुए सम्मानित किया। यशवंत पर्वतारोहण के क्षेत्र में विगत कई साल से मेहनत कर रहे हैं और अलग-अलग जगह पर जाकर अपना परचम लहरा रहे। जिस उपलब्धि के लिए उनका नाम वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है, वह 2022 जनवरी में की गई मेहनत है। जिसमें माइनस 16 डिग्री के तापमान में 12500 फीट ऊंचाई पर चढ़ाई करते हुए उत्तराखंड के केदरकंठा पर्वत में यशवंत टंडन ने 30 प्रतिभागियों के साथ मिलकर 280 फीट का लंबा भारतीय ध्वज (तिरंगा) फहराया था। इन 30 लोगों की पूरे समूह का वर्ल्ड वाइड बुक का रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया है। जिसके तहत प्रत्येक प्रतिभागी को अलग-अलग प्रमाण पत्र मिला है।

कहां के हैं यशवंत

यशवंत ,बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के अन्तर्गत अर्जुन्दा ब्लाक से महज 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम डुड़िया के निवासी हैं । उनके पिता हूबलाल टंडन एक किसान और मनरेगा में मेट का काम करते हैं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय बालोद में यशवंत टंडन का नाम वर्ल्ड वाइड बुक आफ रिकार्ड में विश्व रिकॉर्ड धारक के रूप नाम दर्ज होने के उपलक्ष्य में प्रमाण पत्र और मेडल पहनाकर सम्मानित किया। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने यशवंत को उसकी इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर मिश्रा ने यशवंत टंडन की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यशवंत टंडन को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। वहीं यशवंत टंडन ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वे इस उपलब्धि के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम मानते हैं। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी अपनी पर्वतारोहण की यात्रा जारी रखेंगे और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।

आखिर कैसे दर्ज हुआ यशवंत का नाम विश्व रिकॉर्ड में

वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर यशवंत कुमार टंडन ने बताया कि दिल्ली से मान्यता प्राप्त भारतीय साहसिक संस्थान इंडियन एडवेंचर फाउंडेशन द्वारा उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारकंठा नेशनल विंटर ट्रैकिंग कैंप का आयोजन किया गया था। जिसमें 12500 फीट ऊंची चोटी केदारकंठा ट्रैक पर माइनस -16 डिग्री सेल्सियस तापमान पर अपनी टीम के साथ 280 फीट का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा लहराकर टीम के साथ अपना नाम वर्ल्ड वाइड बुक आफ रिकार्ड में दर्ज किया और इतिहास रचा।

अब तक यशवंत की ये हैं प्रमुख उपलब्धियां

  1. उत्तराखंड के नैनीताल की सबसे ऊंची चोटी नैना पीक ऊंचाई 8622 फीट.
  2. उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित केदारकंठा ट्रैक 12500 फीट ।
  3. हिमाचल प्रदेश के शिमला की सबसे ऊंची चोटी जाखू टेंपल 9500 फीट ।
  4. हिमाचल प्रदेश के मनाली में स्थित माउंट फ्रेंडशिप पीक एडवांस बेस कैंप 2900 मीटर।
  5. छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा 1225 मीटर।

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