बेटी पढ़ेगी विकास गढ़ेगी के नारे को सार्थक कर रही महिला कमांडो,9000 बेटियों को दे चुकी पाठ्य सामग्री, इस साल 1000 को देने का है लक्ष्य



बालोद| दस हजार बालिकाओं को प्रोत्साहित करने का‌ मन‌‌‌ बनाकर महिला कमाण्डो‌ अपने कार्य को‌ पूरी निष्ठा के साथ पूरा करते‌‌ हुए आ रही है। नशामुक्ति, महिला साक्षरता, स्वच्छता एवं समाज कल्याण, बाल कल्याण के‌‌ क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभा‌ ‌रही है। पर्यावरण एवं‌‌‌ जल‌ संरक्षण हेतु ‌घर घर जाकर ‌‌‌ लोगों को जागरूक कर रही है। इसी क्रम में सन 2010 से बालिका शिक्षा प्रोत्साहन का भी कार्य‌ कर रही है। गांव स्तर पर दानदाताओं से संपर्क कर बेटी पढेगी तो विकास गढ़ेगी ‌‌‌‌, तर्ज पर‌‌‌ शाला में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक कॉपी, एक पेन और एक पहाड़ा दान स्वरूप प्राप्त करती है और इस सामग्री को दानदाताओं के हाथों से‌ छात्राओं को प्रदान‌ करती है‌,अब तक लगभग 9000 बालिकाओं को‌ प्रोत्साहित किया जा चुका है।

इस शिक्षा सत्र में 1000 बालिकाओं को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है। पद्मश्री शमशाद बेगम बताती है कि उक्त कार्य के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत‌ करवाया गया तो श्रीमति दीपिका मायखो पूर्व जिला विकास प्रबंधक दूर्ग‌, वर्तमान में उप महाप्रबंधक हेड ऑफिस नाबार्ड मुम्बई ने 222 बालिकाओं के लिए कॉपी, पेन, पहाडा़ प्रदान किया है। इसी तरह से बीके मिश्रा पूर्व जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड दूर्ग ने 200 बालिकाओं के लिए सामग्री प्रदान किया है। उक्त प्राप्त सामग्री महिला कमांडो के माध्यम से‌ स्कूलों में जाकर वितरण किया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप एक पेन भी प्राप्त होता है तो उसका उत्साह ही अलग होता है और शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ता ही जाता है। जल्द ही 1000 बालिकाओं को‌ दानदाताओं के सहयोग से प्रोत्साहित किया जाएगा। पद्मश्री शमशाद बेगम एवं सभी महिला कमाण्डो ने दीपिका मायखो एवं बीके मिश्रा का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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