गोरेलाल सोनी अतिथि संवाददाता, डौंडी/बालोद। शासकीय कार्य के निरीक्षण के लिए रविवार सुबह 7:30 बजे डौंडी वन विभाग की छह सदस्यीय टीम पेवारी बीट के कक्ष क्रमांक 156 पहुंची थी। टीम के वाहन से उतरते ही करीब 50 से 60 ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में डिप्टी रेंजर शिवकुमार चंद्राकर, वन रक्षक गोपी साहू, हीरामन रावटे, देवचंद्र हिडको और ड्राइवर यश कुमार घायल हो गए। सभी को डौंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। डिप्टी रेंजर शिवकुमार चंद्राकर के दाहिने पैर में गहरी चोट आई। गोपी साहू की पीठ और सीने पर डंडों के लाल-काले निशान बन गए। उन्होंने बताया कि सिर पर तीन-चार वार किए गए, जिन्हें हाथों से रोककर सिर फूटने से बचाया। अन्य वनकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। सभी ने किसी तरह भागकर जान बचाई। सूत्रों के मुताबिक इस हमले के पीछे क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि का इशारा बताया जा रहा है। इधर ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर वाटर शेड मैनेजमेंट का कार्य हो रहा था, वह उनकी कब्जे की है। जबकि वन विभाग के अनुसार यह जमीन करीब 50 एकड़ की है, जो विभाग के अंतर्गत आती है। ग्रामीणों के पास इसका कोई पट्टा नहीं है,हमले में शासकीय कार्य में लगे ग्राम मरकाटोला के दो पुरुष और पांच महिला मजदूरों को भी पीटा गया। उन्हें काम बंद करने की धमकी दी गई। मजदूर भी जान बचाकर भागे और डौंडी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। रेंजर जीवन लाल भोंडेकर ने बताया कि मई में ग्राम पेवारी के ग्रामीणों के साथ बैठक हुई थी। उन्हें कार्य की जानकारी दी गई थी और रोजगार मिलने की बात कही गई थी। सहमति के बाद कार्य शुरू हुआ। लेकिन जब गांव के तीन-चार लोग ही काम पर आए, तो विभाग ने बाहर से मजदूर लगाए। इसके बाद अचानक हमला किया गया। डौंडी पुलिस ने फारेस्ट कर्मियों की शिकायत पर सोमनाथ, बेदूराम, अर्जुन, तुलसीराम, तुलाराम और भोलाराम के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 121, 221, 351, 191 के तहत अपराध दर्ज किया है। मजदूरों की शिकायत पर धारा 151, 115 के तहत मामला दर्ज हुआ है। अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। हमले के बाद बालोद जिले के सभी वनकर्मियों में भारी रोष है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा की है। “उमा ठाकुर डौंडी थाना प्रभारी” ने बताया रेंजर भोंडेकर ने घायल कर्मियों को लेकर थाना पहुंचकर उचित कार्रवाई की मांग की है। फारेस्ट कर्मियों और ग्रामीण मजदूरों की शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया है,जल्द ही मामले दोषियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
वन विभाग की जमीन पर कब्जा का मामला! ग्रामीणों ने किया वन विभाग की टीम पर हमला, डिप्टी रेंजर सहित 5 घायल, थाने में मामला दर्ज
