आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया



2025 का थीम है एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग

राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने दिलाई शपथ: अपने परिवार के साथ नियमित रूप से योग का अभ्यास कर अपने जीवन में योग को शामिल करने संकल्प और दोस्तों को भी स्वस्थ जीवन शैली के लिए योग को अपनाने के लिए करेंगे प्रोत्साहित

बालोद। डौण्डी लोहारा विकासखण्ड आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विभिन्न योग आसान कराकर मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने बताया इस वर्ष 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह धूमधाम उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। जिसका विषय है ,एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग, जो इस महत्वपूर्ण सत्य को प्रतिध्वनित करता है कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और ग्रह स्वास्थ्य अविभाज्य रुप जुड़े हुए है। योग शरीर को मजबूत बनाता है,मन को शांत करता है और दैनिक जीवन में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाता है। यह जागरूकता व्यक्ति को स्वस्थ और अधिक टिकाऊ जीवन शैली चुनने का अवसर देती है और खुद की देखभाल करने से हम पृथ्वी की देखभाल करना शुरु कर देते है, जो वसुधैव कुटुम्बकम के स्थायी भारतीय लोकाचार दर्शाता है ,दुनिया एक परिवार है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उद्देश्य को भी राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर भी बताए कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में योग के अभ्यास और उसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है । यह दिन शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ावा देने और लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक मंच है,

योग दिवस के हैं ये प्रमुख उद्देश्य

योग के फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाना

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना

आंतरिक शांति और संतुलन को बढ़ावा देना

सामाजिक सौहार्द और एकता को बढ़ावा देना।
इस अवसर पर राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने उपस्थित हुए बच्चों, ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि, महिलाओ को रोज नियमित योग आसान एवं को योग करने प्रेरित करने के लिए शपथ दिलाई। इस अवसर ग्राम पंचायत के सरपंच आनंद राम रावटे, उपसरपंच भगवानीराम सिन्हा, सोम जी, रंजीत मण्डावी, पेमीन, वंदना, अंजली, टिकेश्वरी देशमुख, सुखेन्द्र सहारे, शिक्षक नारदराम भुआर्य, सुनिल कुमार अलेन्द्र, दीनदयाल अटल, सुनिल कुमार अलेन्द्र, गांधीराम बघेल,भूमिका मोवाड़े उपस्थित रहे।

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