बालोद। बालोद से लगे ग्राम हीरापुर में एक ही परिवार के 5 लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी कर ली है। दरअसल में पूरा मामला धर्मांतरण का है। जब मतांतरित साहू परिवार से एक युवती की मौत हुई तो ग्रामीणों ने उसके शव के अंतिम संस्कार हेतु स्थानीय मुक्तिधाम में जगह देने से इनकार कर दिए और कोई शव को कांधा देने भी नहीं गए। अंत में उक्त परिवार को झुकना पड़ा और ग्रामीणों की बात मानते हुए हिन्दू धर्म के रीति रिवाज का पालन करने की बात कही। ग्रामीणों ने पूरे विधि विधान से उक्त परिवार के पांच सदस्यों की हिंदू धर्म में वापसी कराई। मृतक धर्मांतरित परिवारों ने कहा कि अब से हम हिंदू धर्म में ही रहेंगे। गंगाजल पीकर मंदिर में पूजा कर कहा कि भटक कर यीशु धर्म पालन कर रही थी। सनातन हिंदू धर्म से बड़ा कोई धर्म नही है। आपको बता दें कि लंबे समय से बालोद जिला में हिंदू धर्म से जुड़े परिवारों को बहला कर सेवा,स्वास्थ्य व आर्थिक प्रलोभन देकर धर्मांतरण यानि मतांतरण का खेल खेला जा रहा है। हिंदू समाज को बांटने काम किया जा रहा। इस मामले का खुलासा गुरुवार को बालोद जिला मुख्यालय से लगे ग्राम हीरापुर में हुआ। जहां पर हिंदू धर्म छोड़कर धर्मांतरित/ मतांतरित ईसाई बनने वाले एक साहू परिवार के यहां एक लड़की की मौत हो गई और जब उसके अंतिम संस्कार की बात आई तो ग्रामीणजन व विश्व हिंदू परिषद, हिंदू संगठन ने जोरदार विरोध किया व गांव में मृतक के अंतिम संस्कार के लिए हिंदू मुक्तिधाम में जगह देने से मना किया गया। ग्राम में विरोध के बीच ग्रामीणों की बैठक हुई व धर्मांतरित ईसाई परिवार के लोगो ने बैठक में जाकर अपनी गलती मानी व हिंदू धर्म समाज में रहने की बात कही।

वही लिखित पत्र में कहा कि हम सनातन हिंदू धर्म की परंपरा व रीति रिवाजों,पूजा पद्धति के अनुसार रहेंगे व घर मे हिंदू देवी देवता की स्थापना करेंगे तब गांव वाले की सहमति से अंतिम संस्कार के लिए जगह दी गई। मृतक परिवार की मोनस बाई साहू पति स्वर्गीय जगमोहन साहू, दानेश्वरी साहू,देविका साहू, कविता साहू, दुर्गेश्वरी साहू ने गांव के मंदिर में जाकर पूजा की,ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल को नदी में विसर्जित किया व हिंदू धर्म के पवित्र गंगाजल को पीकर हिंदू धर्म को वापस अपनाया व पूजा की। ज्ञात हो कि बालोद जिला में गुरुर ब्लॉक सनौद के बाद अब बालोद ब्लॉक के हीरापुर में धर्मांतरित ईसाई की मौत पर ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए जगह देने से मना किया है। सनौद में स्थानीय प्रशासन व पुलिस की मौजूदगी में गांव वालों के भारी विरोध के बाद धर्मांतरित मृतक के शव को दूसरे जिले धमतरी में भेजा गया तब मामला शांत हुआ था। विश्व हिंदू परिषद से जुड़े संगठन के बड़े नेता जिले के अंदर ईसाई मिशनरियों के द्वारा चलाये जा रहे हिंदू विरोधी कार्यो को रोकने लगातार अभियान चलाकर गांवों में जागरण का काम कर रहे है। विहिप के माध्यम से बालोद शहर,गुंडरदेही,डौंडी,डौंडीलोहारा,गुरुर,अर्जुन्दा ब्लाक के कई गांव में अवैध प्रार्थना सभाओं पर रोक भी लगवाया था। वही पुलिस ने कुछ लोगो को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। ताजा मामले पर ग्राम हीरापुर में सेतराम साहू ग्राम पटेल,परमानंद साहू,सतानंद साहू,लक्ष्मण साहू,प्रभुराम,कुबेर सहित विश्व हिंदू परिषद के उमेश सेन,व बालोद ग्रामीण विहिप अध्यक्ष मुरली साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
ईसाई मिशनरियों के द्वारा भोले भाले हिन्दू परिवारों को बहला कर ईसाई बनाने का काम किया जा रहा
विहिप जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने मामले को लेकर कहा कि हमलोग लंबे समय से जिले के अंदर चलाये जा रहे अवैध धर्मांतरण की साजिश का खुलासा कर रहे है। ये आज हीरापुर में मोनस बाई के बयान से स्पष्ट हो गया है कि जिले के अंदर ईसाई मिशनरियों के द्वारा भोले भाले हिन्दू परिवारों को बहला कर ईसाई बनाने का काम किया जा रहा है। हिंदू धर्म समाज को कमजोर करने की बड़ी साजिश चल रहा है। ऐसे विधर्मी लोग सनातन परिवारों को तोड़कर साजिश कर आर्थिक लाभ ले रहे है। दुःख के समय उनको अकेला छोड़ दे रहे है। हिंदू धर्म में ऐसे लोगो को वापस आना चाहिए। विहिप बजरंग दल अपने अभियान के तहत आगे भी जिला में घर वापसी अभियान चलाएगा।
