पीएम श्री स्कूल भिरई को कलेक्टर ने सराहा



गुरूर। 16 जून सोमवार को सत्र के पहले दिन पी एम श्री स्कूल- भिरई संकुल – अरकार ,विकासखंड – गुरूर में बालोद की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा आकस्मिक निरीक्षण में आईं। उनके साथ गुरूर एसडीएम आर के सोनकर ,तहसीलदार गुरूर हनुमंत श्याम ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमेश रात्रे एवं गुरूर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ललित कुमार चंद्राकर ,विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक चंद्रभान सिंह निर्मलकर ,संकुल शैक्षिक समन्वयक संकुल केंद्र अरकार भूषण लाल माला इत्यादि शिक्षा विभाग के लोग आए हुए थे। कलेक्टर ने शाला की सजावट , बागवानी,शाला की गतिविधियों, शाला के बच्चों व शिक्षकों की प्रशंसा की। उनके द्वारा बच्चों का मुंह मीठा कराया गया।चाकलेट,लड्डू, खीर पूरी व दाल चांवल आलू बरबट्टी आचार परोसा गया। बच्चों को पेन पेंसिल कॉपी इत्यादि उपहार भी दिया गया। अतिथियों द्वारा पौधा रोपण किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्ती की शपथ ली। इस अवसर पर पीएम श्री स्कूल भिरई के प्रतिभा सम्पन्न बच्चों को प्रतीक चिह्न व मेडल तथा प्रशस्ति – पत्र देकर सम्मान किया गया। शाला प्रबंध समिति के सक्रिय सदस्यों का सम्मान , माता उन्मुखीकरण के अंतर्गत जागरूक माताओं का भी सम्मान किया गया। श्रीमती यामिनी साहू को उत्कृष्ट माता तथा श्रीमती दुर्गेश्वरी कुंजाम को सर्वश्रेष्ठ शाला विकास समिति सदस्य का पुरस्कार दिया गया। प्रधानपाठक चम्पेश्वर सिंह राजपूत ने कलेक्टर को इस सत्र का समय सारिणी, 90 दिन के कार्यक्रम का रोड मैप व पी एम श्री विद्यालय की योजनाओं की जानकारी दी।उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी डीपी मर्केले , जिला मिशन समन्वयक अनुराग त्रिवेदी ,विकासखंड शिक्षा अधिकारी व विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक एवं संकुल प्राचार्य वी के साहू ,संकुल समन्वयक के मार्गदर्शन और सहयोग को शाला के विकास का मुख्य आधार बताया। कलेक्टर मेडम ने बच्चों तथा उपस्थित पालकों से सीधी बातकर कुछ विषयों पर जानकारियां प्राप्त की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भिरई के सरपंच सनत कुमार सिन्हा,उपसरपंच घनश्याम देवदास, ग्राम पटेल लतखोर सिन्हा, शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष नेहरू राम साहू सहित शाला विकास समिति के समस्त सदस्यगण, ग्राम पंचायत के समस्त पंचगण, पालकगण , सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।प्रधानपाठक ने बताया कि इस सत्र में अब तक 28 बच्चे प्रवेश ले चुके हैं ,और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ही घर- घर जाकर बच्चों को प्रवेश ले लिया गया था। शाला परिवार द्वारा कलेक्टर को श्रीरामलला की दिव्य छायाचित्र भेंट की गई।कक्षा पहली में प्रथम स्थान पर कुमारी पूर्वी साहू पिता श्री मुकेश कुमार साहू तथा दूसरे स्थान पर प्रज्ञा देवदास पिता श्री चुरेंद्र देवदास, दूसरी कक्षा में प्रथम वरुण कुमार पिता श्री दानेश्वर साहू ,द्वितीय कुमारी खेजल पिता श्री योगेंद्र साहू एवं चेतन्य कुमार पिता श्री लाकेश देवदास,तीसरी में प्रथम खेमराज साहू पिता श्री दिनेश साहू ,द्वितीय संध्या साहू पिता श्री लेख राम साहू , चौथी कक्षा में प्रथम कुमारी टिकेश्वरी साहू पिता विजय कुमार साहू ,द्वितीय कुमारी गुंजन पिता श्री हेमकुमार साहू ,पांचवीं कक्षा में प्रथम कुमारी प्रीति साहू पिता श्री टिकेश्वर साहू ,द्वितीय चमन कुमार साहू पिता श्री ओमप्रकाश साहू का सम्मान ट्रॉफी और मेडल से किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में कुमारी विभा पिता श्री धनेश कुमार ठाकुर दूसरी, सबसे अनुशासित विद्यार्थी कुमारी हर्षिता पिता श्री चोवा राम साहू कक्षा 3 सबसे स्वच्छ विद्यार्थी साहिल कुमार साहू पिता श्री कमल नारायण साहू कक्षा 4 ,साहित्य के क्षेत्र में कुमारी भूमिका पिता श्री देवेंद्र कुमार साहू ,पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में कुमारी डेमीन साहू , योग व्यायाम के क्षेत्र में प्रवीण कुमार पिता श्री लीलाधर साहू , कला क्षेत्र में डीगेश्वरी पिता श्री तुलसी राम साहू पांचवीं, वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में कुमारी याचना पिता श्री छबि लाल साहू कक्षा पांचवीं का सम्मान किया गया।21जून को योग संगम का वृहत आयोजन भी शाला परिसर में किया जायेगा। पी एम श्री स्कूल भिरई शासन से निःशुल्क मिलने वाली सामग्रियां पाठयपुस्तक,शाला गणवेश के अलावा बेल्ट,टाई, आई डी कार्ड , रिबन, क्लिप, हेयर बैंड इत्यादि सामग्री निःशुल्क दिया जाता है। हर माह पालक शिक्षक बैठकें होती है। समुदाय की बढ़ चढ़कर सहभागिता मिलती है।गांव वाले स्कूल के लिए समर्पित होकर काम करते हैं ।जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के द्वारा लगातार मार्गदर्शन दिया जाता है। यहां सौर ऊर्जा का उपयोग होता है।स्मार्ट क्लास रूम हैं।वाटर हाइजिन की सुविधा है। कचरे से जैविक खाद बनाया जाता है।फर्नीचर,म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट,कब व बुलबुल दल भी है । शालेय खेलकूद में शाला का रिकॉर्ड हमेशा बहुत अच्छा रहा है । जिला स्तर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में यहां के बच्चे बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं।

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