गुरुर । 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे देश में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। जहां पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए वृक्षारोपण किया जाता है। जिससे भविष्य में पौधे वृक्ष बनकर पर्यावरण को अनुकूल बनाए रखें। इस क्रम में गुरुर विकासखंड के एक छोटे से ग्राम ठेकवाडीह में पर्यावरण बचाने आठ साल से एक अनोखी पहल जारी है। कहते है न कि एक छात्र, एक शिक्षक, एक पुस्तक और एक कलम की महत्व अत्यधिक है ।

इसी बात को चरितार्थ करते हुए 8 वर्ष पूर्व इस गांव के शिक्षकों के मन मे जिज्ञासा हुई क्यों न इस गांव के बेहतर पर्यावरण और उज्ज्वल भविष्य हेतु गांव में वृक्षारोपण जैसा पुण्य कार्य किया जाए। और यहां से शुरू हुई एक नए कार्य की शुरुवात। यहां के कुछ शिक्षकों ने अपने अन्य सभी शिक्षक साथियों के साथ मिलकर 05 जून 2018 को विश्व पर्यावरण दिवस पर “युवा एवं कर्मचारी संघ ठेकवाडीह” नाम से संगठन तैयार किया। जिसमें गांव में रहने वाले युवा, किसान , व्यापारी व सज्जन व्यक्तियों एवं अन्य सभी वर्ग के कर्मचारियो को जोड़ा गया। विगत आठ साल में युवा एवं कर्मचारी संघ ठेकवाडीह द्वारा लगभग 320 पौधों का रोपण करके उसे संरक्षण किया गया है।

इस कार्य से आज प्रेरणा लेकर न केवल गांव के ही लोग अपितु आसपास के अन्य गांवों के लोग भी अपने गांव में वृक्षारोपण जैसे महान कार्य कर रहे हैं । जो इस संगठन की सबसे बड़ी सफलता है । वृक्षारोपण के साथ साथ युवा एवं कर्मचारी संघ ठेकवाडीह द्वारा वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, मेघावी छात्रों का सम्मान, सेवानिवृत कर्मचारियों का सम्मान, गरीब बच्चों को सहयोग एवं सम्मान तथा कैरियर गाइडेंस शिविर एवं स्वच्छता अभियान जैसे अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करके सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है। आगामी वर्ष इस संगठन के माध्यम से अपने गांव में बच्चों के लिए गार्डन बनाने की योजना है। जिसका कार्य प्रगति पर है।

प्रतिवर्ष इस संगठन के सदस्यों के द्वारा इस पुण्य कार्य में सहयोग प्रदान करने हेतु अंशदान एवं समयदान दिया जाता है । जिसके फलस्वरूप आज गांव में मौजूद लगभग 320 वृक्ष इस गांव की सुंदरता को और अधिक बढ़ा रहे है। इस तरह से हमर गांव सुघ्घर गांव की कल्पना साकार हो रहा है। शिक्षक जगत राम साहू, उदय राम साहू, केशव राम साहू, जगमोहन साहू ने बताया कि विगत पिछले 8 वर्षों से हमारे कर्मचारी संगठन द्वारा गांव में वृक्षारोपण कर उनकी नियमित देखभाल की जा रही है। जिससे लगाया गया पौधा आज वृक्ष बनकर तैयार हो गया है। जो आने वाले भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा।
