“प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल”



बोर्ड अध्यक्ष राकेश पांडेय ने किया कांकेर और धमतरी जिले का दौरा

बालोद/ धमतरी/ रायपुर। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय द्वारा 4 जून 2025 को जिला कांकेर एवं धमतरी में स्थित बोर्ड से पंजीकृत एवं वित्तपोषित ग्रामोद्योग इकाइयों का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की “सशक्त गांव, आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की परिकल्पना को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निरीक्षण के दौरान श्री पांडेय ने इकाइयों की कार्यप्रणाली, उत्पादन गुणवत्ता, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन प्रणाली, तकनीकी सशक्तता और रोजगार सृजन की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामोद्योग के माध्यम से गांवों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर प्रदेश की आर्थिक संरचना को मजबूत किया जा सकता है। कांकेर जिले एवं धमतरी जिले की ग्रामोद्योग निर्माण इकाई का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित कारीगरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारीगरों को प्रशिक्षण, डिज़ाइन विकास, विपणन सहयोग और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए। श्री पांडेय ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री मोदी का आत्मनिर्भर भारत अभियान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ग्रामीण विकास और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति, दोनों हमें यह प्रेरणा देते हैं कि गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर हम समग्र विकास की ओर अग्रसर हो सकते हैं।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड शीघ्र ही तकनीकी नवाचार, ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, ब्रांडिंग तथा उद्यमिता विकास की दिशा में नई योजनाएं प्रारंभ करेगा, जिससे ग्रामोद्योग को एक नई पहचान मिलेगी। निरीक्षण के अंत में उन्होंने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपील की कि वे राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने हेतु सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा और महिलाएं इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

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