बालोद। तहसील अर्जुंदा क्षेत्र के ग्राम मोहलाई निवासी धर्मेंद्र कुमार ने कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए गांव के कुछ लोगों पर आजीविका के साधन पर प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है । उनके आवेदन के अनुसार वे गांव से बहिष्कृत जैसा जीवन जी रहे हैं। कलेक्टर ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए पुलिस अधीक्षक बालोद को इस संबंध में जांच कर आगे कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। आवेदन में धर्मेंद्र कुमार पिता स्वर्गीय मनोज कुमार निवासी मोहलाई ने बताया है कि पेशे से काश्तकार हैं। ग्रामीण बैठक में उनकी गैर मौजूदगी में आपसी रंजिश के चलते अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ग्रामीण अध्यक्ष बेदी राम धोबी एवं अन्य के द्वारा गांव से कृषि कार्य में ट्रैक्टर और मजदुरी में न जाएंगे, ना ही बुलाएंगे, ऐसा निर्णय लिया गया था। जिस वजह से ना चाहते हुए भी मैं विगत एक वर्ष से पड़ोसी गांव से ट्रैक्टर और मजदूर व्यवस्था कर अपना कृषि कार्य करने पर मजबूर हूं । हाल ही में और बैठक हुआ है। अब कह रहे हैं कि किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करना है, ना ही साथ में बैठना है । और कोई भी ग्रामीण किसी तरह का सहयोग करता है तो 7500 का अर्थ दंड रखा गया है। जिस वजह से ग्रामीण डरे हुए हैं । ग्रामीणों के कुछ कहने पर उन्हें गांव वाले बहिष्कृत करने की धमकी देते है। जिसे न चाहते हुए भी ग्रामीण फैसले को मानने के लिए मजबूर है । धर्मेंद्र ने कहा खेती मेरे जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन है। जिसमें प्रतिबंध लगाकर मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इसलिए उन्होंने कलेक्टर से आवेदन देते हुए मांग की है कि उनके आवेदन पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए उनकी समस्या का समाधान कर उचित कार्रवाई की जाए।
बहिष्कार जैसा जीवन जी रहे हैं धर्मेंद्र: ग्रामीण ने कलेक्टर से शिकायत कर गांव वालों पर लगाया आजीविका के साधन पर प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप
